प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह की दो कविताएं

प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह की दो कविताएं

प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह की दो कविताएं
प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह की दो कविताएं

1.और चूहों के लिए भी है कड़क

चाँद भी आया थका सा
अंधड़ों का सिलसिला भी थक गया है ,
थक गया है दोस्तों शायद पपीहा ,
भीड़ में संघर्ष से शायद ढला
इश्क़ के बाजार में पक सा गया है।

नहीं आयी उधर से आज प्रतिध्वनि
इसी कारण क्षीण है अब टेर उसकी
उल्लुओं का लगा है दरबार सा कुछ
रात्रिचर जीवों का लगा है एक रेला।

एम्बुलेंसों की ध्वनि में निरंतर
रात्रिचर पक्षियों ने शांति देखी,
और इतने में उछलते
गली में कुछ चार कुत्ते ,
एक चूहा कूदता दीवार से।

खीझ बिछ सी गई है ,
वीरान हैं गलियां
नहीं दिखता कहीं कुछ
पा सकें ये श्वान जिसको
और चूहों के लिए भी है कड़क
जिंदगी जागी पड़ी है रात भर
ज्वर से उलझते,
ऊँघते सब बल्ब शायद।

2.विषय बन गया मन में रुक कर

छू कर मन को निकल गया था
कल जो झोंका पुरवाई का
मन भी उसको लेकर बैठा
पूरी रात आंख में भर कर।
पुरवाई का झोंका था वह
कभी रुका है , सुना कहीं पर ,
लेकिन उसका आना उस पल
विषय बन गया मन में रुक कर।
बढ़ी भुलाने की इच्छायें
मगर इसे हम कर क्या सकते
कितने बिम्ब बन रहे मन में
कुछ न कुछ सब कहते आकर।
यही नियम है यहाँ प्रकृति का
कल की कितनी यादें आकर
कितना कुछ हलचल दे जातीं ,
कितना सृजन करायें हरपल।

-प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह

(प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह लखनऊ विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर हैं। वे अंग्रेजी और हिंदी लेखन में समान रूप से सक्रिय हैं । फ़्ली मार्किट एंड अदर प्लेज़ (2014), इकोलॉग(2014) , व्हेन ब्रांचो फ्लाईज़ (2014), शेक्सपियर की सात रातें(2015) , अंतर्द्वंद (2016), चौदह फरवरी(2019) , चैन कहाँ अब नैन हमारे (2018)उनके प्रसिद्ध नाटक हैं । बंजारन द म्यूज(2008) , क्लाउड मून एंड अ लिटल गर्ल (2017) ,पथिक और प्रवाह(2016) , नीली आँखों वाली लड़की (2017), एडवेंचर्स ऑफ़ फनी एंड बना (2018),द वर्ल्ड ऑव मावी(2020), टू वायलेट फ्लावर्स(2020) उनके काव्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके लेखन एवं शिक्षण हेतु उन्हें स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड लाइफ टाइम अचीवमेंट , शिक्षक श्री सम्मान ,मोहन राकेश पुरस्कार, भारतेन्दु हरिश्चंद्र पुरस्कार एस एम सिन्हा स्मृति अवार्ड जैसे सोलह पुरस्कार प्राप्त हैं ।)

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One thought on “प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह की दो कविताएं

  1. बेहतरीन कविताएं।

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