Ramkumar-singh-chauhan-ke-bhajan ठा. रामकुमार सिंह चौहान के कुछ भजन

ramkumar-singh-chauhan-ke-bhajan यह जग का आर न पार है नहि दिखता भव धार है ।। सब जीव…

दोहा-मुक्‍तक परिभाषा और उदाहरण

दोहा-मुक्‍तक परिभाषा और उदाहरण जैसे की नाम से ही स्‍पष्‍ट हो रहा यह दोहा शिल्‍प पर…

लघुकथा:’बासी-चरित्र’ -दिनेश चौहान

कजरी काम निपटाकर घर जाने लगी तो मालकिन ने धीरे से कहा, "कजरी, ये रात की…

karmnewadhikarste-2छायावादी खण्‍ड़काव्‍य-‘कर्मण्‍येवाधिकारस्‍ते’ भाग-2

नवसृष्टि का सृजन कहे उठ जाग अरे ओ मूढ़मते कुछ काम नया अंजाम नया करता जा…

Ek-Mahatma-Sahityakar shri-krishanakumar-bhatta-pathik एक महात्‍मा साहित्‍यकार-श्री कृष्‍णकुमार भट्ट ‘पथिक’

shri-Krishanakumar-Bhatta Pathik महात्मा का परिचय उनकी सादगी एवं कर्मठता से प्राप्त होता है । एक छोटे…

श्री कृष्‍णकुमार भट्ट ‘पथिक’ की दो अतुकांत कवितायें

नये वर्ष में फिर आ गया हूॅजिन्‍दगी की तलहटियों में अयाचित बारिश की फहारों में समस्‍यायें…

छायावादी खंडकाव्य “कर्मण्येवाधिकारस्ते” भाग -1

रहा अकर्मठ यह काया तो परछाई बोझ बनेगा दहरे का ठहरा हुआ पानी केवल रोग जनेगा…

पुस्‍तक समीक्षा- ”दोहा के रंग” समीक्षक-श्री अजय ‘अमृतांशु’

साहित्य म छंद के अपन अलगे महत्ता हवय । छंद ह साधना के विषय आय, बेरा-बेरा…

श्रीमती शकुंतला तरार के एक कोरी छत्‍तीसगढ़ी गीत

एक कोरी छत्‍तीसगढ़ी गीत-श्रीमती शकुंतला तरार सून्ना परे हे नरवा नदिया सून्ना परे बूढी दाई के…

यशवंत”यश”सूर्यवंशी के दस हाइकु

दरका खेत~ किसान के माथे में चिंता की रेखा। चश्में में दाग~ प्रत्यारोपण नेत्र निहारे बच्चे…