"अंचल के लोकमंचीय कला इतिहास में चंदैनी गोंदा से बड़ी क्रांति न कभी हुई थी न…
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पुस्तक समीक्षा-“सुरुज बनके चमकौ जग में”
छत्तीसगढ़ी के वरिष्ठ गीतकार डॉ पी.सी.लाल यादव जी के गीत सँघरा "सुरुज बनके चमकौ जग में"…
पुस्तक समीक्षा: छन्द संदेश
छन्दकार जगदीश "हीरा" साहू के कृति "छन्द संदेश " के आय जेमा उन आज के नपुंसक…
पुस्तक समीक्षा: कुण्डलियाँ किल्लोल
साहित्य साधना मजाक का विषय नहीं है, चिंतनशील व्यक्ति ही साहित्य की साधना कर सकता है…
पुस्तक समीक्षा: महापरसाद
मनीराम साहू"मितान" जी के "महापरसाद" पढ़े बर मिलिस। ये कृति भक्तिन दाई "करमा" के जीवन उपर…
आलेख महोत्सव: 15.आखिर कब रोशन होगा गरीब का घर….? -अजय अमृतांशु
आखिर कब रोशन होगा गरीब का घर….? आजादी के 75 सालों बाद भी इस प्रश्न का…
पुस्तक समीक्षा-छन्द झरोखा
पुस्तक समीक्षा-छन्द झरोखा विगत तीन चार बछर ले छत्तीसगढ़ी म सरलग छन्द लेखन होवत हे जेमा…
पुस्तक समीक्षा- ”दोहा के रंग” समीक्षक-श्री अजय ‘अमृतांशु’
साहित्य म छंद के अपन अलगे महत्ता हवय । छंद ह साधना के विषय आय, बेरा-बेरा…