आलेख महोत्‍सव: 24. यथा प्रजा तथा राजा

'यथा राजा तथा प्रजा' यह लोकोक्ति आपने सुनी ही होगी । किन्‍तु मैं कह रहा हूँ…

भूमि अतिक्रमण एक गंभीर चुनौती

जल संरक्षण और पर्यवरण संरक्षण हेतु सरकार के साथ -साथ कई-कई सामाजिक संस्थाओं के द्वारा सतत…

मानसून का मनोहारी दृश्य, जीवन को मनोहर बनाता है

मानसून की फुहारों से धरती की सतह नाच उठी है । चिड़ियां घोसले में फुदकने में लगे…

व्‍यथा-कथा:आंदोलन के नाम पर, करो न अत्‍याचार

व्‍यथा-कथा:'आंदोलन के नाम पर, करो न अत्‍याचार' सचमुच देश की आमजनता की व्‍यथा कथा है ।…

चिंतन आलेख :बचपन का बीज बुढ़ापे का फल

सांच को आंच क्‍या ? स्‍वयं प्रयोग करेके देखें फिर आप भी कहेंगे -'बचपन का बीज…

संस्‍कृत कविता :अहम् केवलं सुता पिते

दुखस्य गजः मम् सीरे आरुढम् कथम् व्यतितम् श्याम निशे । अनिमेशम्-अनिमेशम् गगनम् पश्यामि निद्रा न आगते…

सम्राट पृथ्‍वीराज चौहान गौरव गाथा (आल्‍हा छंद)

सबले पहिली माथ नवावय, हाथ जोर के तोर गणेश । अपन वंश के गौरव गाथा, फेर…

छत्‍तीसगढ़ के तिज तिहार:गीत अउ उमंग के तिहार होरी

गीत अउ उमंग के तिहार होरी -रमेश चौहान होरी के फाग गीत के बाते अलग हे- हर…

छत्तीसगढ़िया व्‍यंजन: बोरे-बासी -रमेश चौहान

बासी में है गुण बहुत, मान रहा है शोध । खाता था छत्तीसगढ़, था पहले से…

रासपंचाध्यायी रासलीला अध्‍याय-5. महारास

स्‍तुति /साेरठा/ व्रज रज चंदन भाल, यमुन कीच उबटन मलूँ । जहॉं यशोदा लाल, महारास जो…