टन्नकपुर की खुदाई में यह बात उभर कर सामने आयी है कि आज से हजारों साल…
Tag: साहित्य का धरोहर
कर्मण्येवाधिकारस्ते भाग-4 एवं भाग-5
कर्मण्येवाधिकारस्ते बीते कल को देखा तुमने भावी कल को देखा कौन चंद इबारत बन जाता है…
धर्मेन्द्र ‘निर्मल’ का व्यंग्य- शाेक समाचार
धर्मेन्द्र 'निर्मल' का व्यंग्य- शाेक समाचार समाचार पत्र के संपादक को एक व्यक्ति के निधन का…
छत्तीसगढ़ी व्यंग्य-फेसबुक, वाट्सएप, कवि अउ कवितई-धर्मेन्द्र निर्मल facebook-whatsapp-kavi-au-kavitai
आजकल फेसबुक म फुसियाना मन खुसियाना रखे के सबले बड़का अउ सस्ता साधन होगे हे। अपन…
हिन्दी में गोपी गीत Gopi-geet-in-Hindi
Gopi-geet-in-hindi (हिन्दी-में-गोपी-गीत) हे ब्रज लला ब्रज धाम को, बैकुण्ठ सम पावन किये । ले जन्म इस…
छायावादी खण्ड़काव्य-‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ भाग-3 karmnyewadhikarste-3
(karmnyewadhikarste) नहीं चूकने वाले बैरी तुम पल भर चूके अगर हे भारत, तुम संग्राम करो थाम…
Ramkumar-singh-chauhan-ke-bhajan ठा. रामकुमार सिंह चौहान के कुछ भजन
ramkumar-singh-chauhan-ke-bhajan यह जग का आर न पार है नहि दिखता भव धार है ।। सब जीव…
दोहा-मुक्तक परिभाषा और उदाहरण
दोहा-मुक्तक परिभाषा और उदाहरण जैसे की नाम से ही स्पष्ट हो रहा यह दोहा शिल्प पर…
लघुकथा:’बासी-चरित्र’ -दिनेश चौहान
कजरी काम निपटाकर घर जाने लगी तो मालकिन ने धीरे से कहा, "कजरी, ये रात की…
karmnewadhikarste-2छायावादी खण्ड़काव्य-‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ भाग-2
नवसृष्टि का सृजन कहे उठ जाग अरे ओ मूढ़मते कुछ काम नया अंजाम नया करता जा…