होली के रंगों से सरोबर गीत कविता स्वागत करने खिल उठे, टेसू आम्र पलाश । झूमे…
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Kinnar-vyatha किन्नर व्यथा -डॉ. अशोक आकाश, भाग-2
Kinnar-vyatha किन्नर व्यथा -डॉ. अशोक आकाश, भाग-2 घर परिवार समाज भूल कर, किन्नर दुनिया पलती |…
किन्नर व्यथा-डॉ. अशोक आकाश, भाग-1
किन्नर व्यथा-डॉ. अशोक आकाश आदिकाल जग अंतहीन दुख , अंतस कटु दुविधाएं | धिक-धिक जीवन पल…
रस छंद और अलंकार का उदाहरण छत्तीसगढ़ी में
रस छंद और अलंकार का उदाहरण छत्तीसगढ़ी में एकेठन छंद सार छंद के एकेठन कविता ये…
दीपोत्सव छंदमाला-रमेश चौहान
चलो जलायें दीप, हृदय आलोकित करने । छोड़े सकल विषाद, हर्ष मन में हैं भरने ।।…
छत्तीसगढ़ी लोकगीत Chhatisgari Lokgeet
Chhatisgari Lokgeet रमेश चौहान के छत्तीसगढ़ी लोकगीत छत्तीसगढ़ी श्रृंगारिक रचनायें है इन गीतों की दो विशेषताएं…