छत्तीसगढ़ी व्याकरण : वचन-डाॅ. विनोद कुमार वर्मा

छत्तीसगढ़ी व्याकरण : वचन (Number)

-डाॅ. विनोद कुमार वर्मा

ए आलेख म हमन देखबो के छत्‍तीसगढ़ी वचन काला कहिथे , एक वचन शब्‍द ले बहुवचन शब्‍द कोन-कोन प्रकार ले बनाये जा सकत हे ।

छत्तीसगढ़ी व्याकरण : वचन (Number)
छत्तीसगढ़ी व्याकरण : वचन (Number)

वचन के परिभाषा –

”शब्द के जेन रूप ले ओकर संख्या ( एक या जादा ) के बोध होथे, ओला वचन कहिथें।”

वचन के भेद-

हिन्दी जइसन छत्तीसगढ़ी म घलो वचन के दू रूप होथे-

1) एकवचन-

शब्द के जेन रूप ले एक व्यक्ति/वस्तु/पदार्थ के बोध होथे, ओला एकवचन कहिथें।जइसे- टूरा,टूरी, किताब,कुर्सी आदि।

2) बहुवचन-

शब्द के जेन रूप ले एक ले अधिक व्यक्ति/वस्तु/पदार्थ के बोध होथे, ओला बहुवचन कहिथें। जइसे- टूरा मन, घोड़ा मन आदि।

वचन के रूपान्तरण-

1) मन प्रत्‍यय लगा के बहुवचन बनाना-

छत्तीसगढ़ी बहुवचन के रचना म ‘ मन’ शब्द के प्रत्यय के समान प्रयोग बहुप्रचलित हे।

जइसे-

एकवचनबहुवचन
लइकालइका मन
मनखेमनखे मन
घोड़ाघोड़ा मन
छत्‍तीसगढ़ी वचन


2) उपसर्ग लगा के बहुवचन बनाना-

छत्तीसगढ़ी बहुवचन के रचना म सबो/सब्बो, जमो/जम्मो के उपसर्ग के समान प्रयोग बहुप्रचलित हे।

जइसे-

एकवचनबहुवचन
खेतसब्बो खेत
आदमीजम्मो/जमो आदमी
टूरासब्बो/सबो टूरा
छत्‍तीसगढ़ी वचन


कई बार बहुवचन बनाय बर गंज,खूब, निचट, बढ़ियन’ आदि शब्द के प्रयोग उपसर्ग के समान( शब्द के पहिली ) छत्तीसगढ़ी म करथें।

जइसे-

एकवचनबहुवचन
घोड़ागंज/गंज अकन घोड़ा
हिरनीखूब/खूब अकन हिरनी
आदमीबढ़ियन आदमी
छत्‍तीसगढ़ी वचन

3) संख्‍या वाची विशेषण लगा के बहुवचन बनाना-

कई बार संख्यावाची विशेषण अउ संज्ञा के बीच झन/झिन, कन, ठन/ठिन के प्रयोग बहुवचन बनाय बर छत्तीसगढ़ी म करथें।

जइसे-

एकवचनबहुवचन
मनखेआठ झन मनखे
पेड़कई ठन पेड़
रोटीबहुत अकन रोटी
छत्‍तीसगढ़ी वचन

4) द्विरूक्ति शब्द के बीच ‘ च’ लगाके बहुवचन बनाना-

कई बार द्विरूक्ति शब्द के बीच ‘ च’ लगाके बहुवचन बनाये जाथे। जइसे-
छेरी-च-छेरी (बकरियाँ ही बकरियाँ)
लइके-च-लइका (बच्चे ही बच्चे)

5) शब्द म ‘ न’ जोड़ के बहुवचन बनाना-

कई बार शब्द म ‘ न’ जोड़ के बहुवचन बनाये जाथे।

जइसे-
लइका(एकवचन), लइकन(बहुवचन)

6) पंचन ( लोग )’ के प्रयोग ले बहुवचन बनाना-

कई बार बहुवचन के भाव प्रदर्शित करे बर ‘ पंचन ( लोग )’ के प्रयोग किये जाथे।

जइसे-
हम पंचन ( हम लोग )
तुम पंचन ( तुम लोग )
ऊन पंचन ( वे लोग )

7) कुछ शब्द मन के एकवचन अउ बहुवचन एक समान होथें।

जइसे-
कुरिया ( घर ), आदमी, तलाव, डंडा, भालू आदि।

निष्कर्ष – छत्तीसगढ़ी म सामान्यतया बहुवचन बनाय म संज्ञा शब्द म विकार उत्पन्न नि होय अर्थात संज्ञा शब्द अपन मूल रूप म बने रहिथे अउ ओमा उपसर्ग या प्रत्यय के समान आघू या पाछू शब्द जोड़ के बहुवचन बनाय जाथे। छत्तीसगढ़ी म बहुवचन बनाय के प्रक्रिया अत्यन्त सरल हे जबकि हिन्दी म बहुवचन बनाय म संज्ञा शब्द म विकार उत्पन्न होथे।

डाॅ. विनोद कुमार वर्मा
कहानीकार, समीक्षक, संपादक
मो. 98263-40331
ईमेल. [email protected]

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