मातृ दिवस पर विशेष- दोहागीतिका माताश्री ममतामयी, धरती पर भगवान। पूजनीय जननी प्रथम, होती देव समान।।-1…
Author: Ramesh kumar Chauhan
रमेश कुमार चौहान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के कवि एवं लेखक हैं । विशेष रूप से आपका परिचय एक छंदकार के रूप में हैं । छत्तीसगढ़ी साहित्य में छंद बद्ध पांच किताबे प्रकाशित हैं वहीं हिन्दी में भी दो पुस्तकें प्रकाशित हैं । आप एक हिन्दी कंटेंट राइटर के रूप में भी सेवा दे रहे हैं ।
बलराम ‘बल्लू-बल’ की गीतिकाएँ
बलराम 'बल्लू-बल' की गीतिकाएँ हे प्रभो!अब हाथ दोनों जोड़ कर विनती करूँ, साँस थामे आपके बस…
किन्नर व्यथा भाग-8 -डॉ. अशोक आकाश
किन्नर व्यथा भाग-8 निज अभिमान सुरक्षा करना, जो समाज नहि जाने | उनका गौरव गान मिटेगा,…
मेरी कहानियों में वृद्ध विमर्श-तुलसी देवी तिवारी
मेरी कहानियों में वृद्ध विमर्श-तुलसी देवी तिवारी कथाएं अपने समय को शब्द देतीं हैं,काल का प्रतिनिधित्व…
सत्यधर बान्धे ईमान की गज़लें
सत्यधर बान्धे ईमान की गज़लें नेकी का फल फला नहीं है आफ़त सर से टला नहीं…
कोराेना का प्रकोप: जिम्मेदार कौन?-दिनेंद्र दास
कोराेना का प्रकोप: जिम्मेदार कौन? कोरोना… कोरोना… कोरोना…! कोरोना यानी 'मौत का तांडव'। पूरी दुनिया में…
छत्तीसगढ़ी बाल कविता: घरघुँदिया-कन्हैया साहू ‘अमित’
छत्तीसगढ़ी बाल कविता: घरघुँदिया-कन्हैया साहू 'अमित' यह एक छत्तीसगढ़ी बाल कविताओं का संग्रह है। ईश प्राथ्रना…
कोराेना वायरस से बचाव के सामान्य उपाय
कोराेना वायरस से बचाव के सामान्य उपाय भारत सरकार की आयुष मंत्रालय ने COVID-19 के दौरान…
मई दिवस पर दोहे-कन्हैया साहू “अमित”
मई दिवस पर दोहे मिल मंजिल अट्टालिका, पर बेघर मजदूर। सृजनहार खुद ही श्रमिक, फिर भी…