पुरु-उर्वशी-आदर्श उज्जवल उपाध्याय
वाक्यों, विचार, भावुकता परनेत्रों पर और सरलता पर,देवत्व तिरस्कृत कर उस दिनउर्वशी मुग्ध थी नरता पर,अप्सरा…
संस्मरण :एक थी रउताइन
संस्मरण
परिवर्तन और परिवर्तन शीलता
हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रख कर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकसित राष्टृ निर्माण हेतु उठाए…
छत्तीसगढ़ी म भागवत कथा भाग-5. व्यास जी के असंतोष दूर होना
(तोमर छंद) आसन सुग्हर बिछाय । नारदजी ल बइठाय वेद व्यास धरत ध्यान । पूजय सब…
छत्तीसगढ़ी म भागवत कथा भाग-4. व्यासजी ल असंतोष होना
अध्याय-4. व्यासजी ला असंतोष होना (भव छंद) द्वापर के बात हे । सूतजी बतात हे सत्यवती…
छत्तीसगढ़ी म भागवत कथा भाग-3 भगवान के चौबीस अवतार कथा
भगवान के चौबीस अवतार (शिव छंद) जेन कुछु सरूप हे । श्रीहरिमय रूप हे रूप घात…
शोध आलेख-भरत वेद कृत ‘शिखंडी’ हिन्दी साहित्य का किन्नर केन्द्रित प्रथम नाटक
इसीलिए बीसवीं शताब्दी के आखिरी दशक में किन्नर केन्द्रित ' शिखंडी ' नाटक का भरत वेद…