सहजानुभूति के गीतकार डुमन लाल ध्रुव – दुर्गा प्रसाद पारकर
मनुष्य अपने भावों को अनुभूति के साथ अभिव्यक्त करती है वही भाव भाषिक कला बन जाती…
डुमन लाल ध्रुव के छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह ’’मन के पांखी’’ में संवेदना तत्व – डॉ.कविता वैष्णव
लोक साहित्यकार श्री डुमन लाल ध्रुव छत्तीसगढ़ी कथा साहित्य में अपनी विशिष्ट लेखन शैली और…
मानवीय संवेदनाओं और भाव चित्रण के कवि डुमन लाल ध्रुव – श्रीमती कामिनी कौशिक
छत्तीसगढ़ी साहित्य संसार में बहुत ही कम लेखक कवि हैं, जिनके रचना संसार में अग्रज पीढ़ी…
पुस्तक समीक्षा: पुस्तक-गॉंव ल सिरजाबो कवि-डुमन लाल ध्रुव, समीक्षक-डॉ. स्वामी राम बंजारे ”सरल”
छत्तीसगढ़ी कविता का शिल्प विधान गांव ला सिरजाबो -कवि – डुमन लाल ध्रुव ’छत्तीसगढ़ी’ छत्तीसगढ़ प्रांत…
विभीषण की प्रासंगिकता मेरे दृष्टिकोण में-डॉ. अर्जुन दुबे
विभीषण की प्रासंगिकता: “घर का भेदी” या सत्य का साहसी स्वर? भारतीय जनमानस में एक कहावत…
एक लघु कथा:जिंदगी, गरीबी, संघर्ष और जिम्मेदारी
जिंदगी, गरीबी, संघर्ष और जिम्मेदारी — डॉ. अर्जुन दुबे यह एक सच्ची घटना पर आधारित छोटी-सी…
पुरु-उर्वशी-आदर्श उज्जवल उपाध्याय
वाक्यों, विचार, भावुकता परनेत्रों पर और सरलता पर,देवत्व तिरस्कृत कर उस दिनउर्वशी मुग्ध थी नरता पर,अप्सरा…
संस्मरण :एक थी रउताइन
संस्मरण
परिवर्तन और परिवर्तन शीलता
हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रख कर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकसित राष्टृ निर्माण हेतु उठाए…