भारत की सांस्कृतिक पहचान उसकी विविध लोककलाओं, लोकगीतों और लोकपरंपराओं में निहित है। देश के प्रत्येक…
Category: हिन्दी साहित्यिक आलेख
आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति का संकट
प्रस्तावना भारत की संस्कृति, संस्कार और परम्पराएँ हजारों वर्षों की तपस्या, अनुभव और सामाजिक प्रयोगों का…
एक राजर्षि की मूर्त कल्पना है शाहजहांपुर की पब्लिक लाइब्रेरी-प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह
तकनीकी क्रांति के इस दौर में जब सब कुछ डिजिटल माध्यमों पर सिमटता जा रहा है,…
विभीषण की प्रासंगिकता मेरे दृष्टिकोण में-डॉ. अर्जुन दुबे
विभीषण की प्रासंगिकता: “घर का भेदी” या सत्य का साहसी स्वर? भारतीय जनमानस में एक कहावत…
शोध आलेख-भरत वेद कृत ‘शिखंडी’ हिन्दी साहित्य का किन्नर केन्द्रित प्रथम नाटक
इसीलिए बीसवीं शताब्दी के आखिरी दशक में किन्नर केन्द्रित ' शिखंडी ' नाटक का भरत वेद…
संस्कृत ही रही होगी रामायण काल की प्रचलित संपर्क भाषा -बोली
यह तो सर्वविदित है कि भाषा ही संवाद का एक सशक्त माध्यम है, यह भाषा ही…
डिजिटल युग का हिंदी साहित्य पर प्रभाव
डिजिटल उपकरणों ने लेखकों और प्रकाशकों के लिए नए माध्यम खोले हैं जिससे वे अपने लेखन…
हिंदी भाषा का वैश्वीकरण
वैश्वीकरण के सबसे महत्वपूर्ण प्रभावों में से एक भाषा का प्रसार है, और हिंदी इसका अपवाद…
यायावर मन अकुलाया-22 (यात्रा संस्मरण)-तुलसी देवी तिवारी
यायावर मन अकुलाया एक वृहद यात्रा संस्मरण है । यह यात्रा बिलासपुर छत्तीसगढ़ से प्रारंभ होकर…