“‘ बिन पानी नि हे जिनगानी* ” ए कहना सोलाआना सिरतोन आय । पानी के बिना…
Category: छत्तीसगढ़ी साहित्य

छत्तीसगढ़ी साहित्य (chatisgarhi-sahitay) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रमुख साहित्य विधायों, लोकविधाओं पर रचनायें प्रकाशित की जा रही है । इस केटेगरी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के कहिनि, आलेख, तुकांत कविता, अतुकांत कविता, नवगीत, छंद, गजल, मुक्तक आदि के साथ ही लोक विधा जसगीत, फाग, ददरिया, करमा आदि के गीत और आलेख प्रकाशित किये जा रहे हैंं।
सहजानुभूति के गीतकार डुमन लाल ध्रुव – दुर्गा प्रसाद पारकर
मनुष्य अपने भावों को अनुभूति के साथ अभिव्यक्त करती है वही भाव भाषिक कला बन जाती…
डुमन लाल ध्रुव के छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह ’’मन के पांखी’’ में संवेदना तत्व – डॉ.कविता वैष्णव
लोक साहित्यकार श्री डुमन लाल ध्रुव छत्तीसगढ़ी कथा साहित्य में अपनी विशिष्ट लेखन शैली और…
मानवीय संवेदनाओं और भाव चित्रण के कवि डुमन लाल ध्रुव – श्रीमती कामिनी कौशिक
छत्तीसगढ़ी साहित्य संसार में बहुत ही कम लेखक कवि हैं, जिनके रचना संसार में अग्रज पीढ़ी…
पुस्तक समीक्षा: पुस्तक-गॉंव ल सिरजाबो कवि-डुमन लाल ध्रुव, समीक्षक-डॉ. स्वामी राम बंजारे ”सरल”
छत्तीसगढ़ी कविता का शिल्प विधान गांव ला सिरजाबो -कवि – डुमन लाल ध्रुव ’छत्तीसगढ़ी’ छत्तीसगढ़ प्रांत…
छत्तीसगढ़ी म भागवत कथा भाग-5. व्यास जी के असंतोष दूर होना
(तोमर छंद) आसन सुग्हर बिछाय । नारदजी ल बइठाय वेद व्यास धरत ध्यान । पूजय सब…
छत्तीसगढ़ी म भागवत कथा भाग-4. व्यासजी ल असंतोष होना
अध्याय-4. व्यासजी ला असंतोष होना (भव छंद) द्वापर के बात हे । सूतजी बतात हे सत्यवती…
छत्तीसगढ़ी म भागवत कथा भाग-3 भगवान के चौबीस अवतार कथा
भगवान के चौबीस अवतार (शिव छंद) जेन कुछु सरूप हे । श्रीहरिमय रूप हे रूप घात…
छत्तीसगढ़ी म भागवत कथा भाग-2 ब्रम्हाजी के उत्पत्ति के कथा
ब्रम्हाजी के उत्पत्ती (अहीर छंद) जड़ चेतन सब रूप । एक श्याम हर भूप सुनय सबो…