मंझली दाई आ गे...’मंझली दाई आगे... जम्मो गांव म शोर-शराबा होगे अउ रोहो-पोहो लोगन मन सकलागे…
Author: Ramesh kumar Chauhan
रमेश कुमार चौहान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के कवि एवं लेखक हैं । विशेष रूप से आपका परिचय एक छंदकार के रूप में हैं । छत्तीसगढ़ी साहित्य में छंद बद्ध पांच किताबे प्रकाशित हैं वहीं हिन्दी में भी दो पुस्तकें प्रकाशित हैं । आप एक हिन्दी कंटेंट राइटर के रूप में भी सेवा दे रहे हैं ।
छत्तीसगढ़ी लोक विधा-‘करमा’-सुरेश कुमार रावत
हमर छतीसगढ़ ह कतको गीत नाच अउ साज ले सजे हे इहि परंपरा म करमा नृत्य…
सत्यधर बांधे ‘ईमान’ की 5 कवितायें
का भी मिट गया, जग से तो अभिमान। चल नेकी के राह पे, भला बना इंसान।।…
डुमन लाल ध्रुव की छत्तीसगढ़ी कहानी-”अपन डेरवठी”
बड़े काकी हा आजेच भिनसरहा ले बहुते हासत कुलकत रिहिस। ओखर ओगर देहे म समय के…
श्रीमती तुलसी तिवारी की कहानी-”राख के नीचे”
ह धीरे- धीरे उसका तलवा सहला रहा था। ’’अपने पाँव नीचे मत रखना मिती, मैले हो…
श्रीमती तुलसी तिवारी का संस्मरण-”अक्षर कुछ गाते हैं”
देश को आजाद हुए मात्र सात वर्ष हुए थे जब उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के…
पुस्तक समीक्षा- कृति-जुड़वाँ बेटी, कृतिकार-चोवाराम बादल, समीक्षक-रमेश चौहान
जुड़वाँ बेटी’, श्री चोवाराम वर्मा ‘बादल’ के एक किताब आय जेमा 12 कहिनी, 2 बियंग अउ…
श्री चोवाराम ‘बादल के छत्तीसगढ़ी कहानी- ‘जुड़वाँ बेटी’
कातिक के महिना अइसे लागत रहिसे जइसे जाड़ मा ठुठरा के मार डरही । रात के…
गोपाल कृष्ण पटेल के दूठन छत्तीसगढ़ी कविता
दूू लाइन लिख देवव, जमाना के दस्तूर ला। रोटी दू वक्त के, मिल जाये गरीब ला।।…