मेरा दृष्टिकोण: सनातन मुझे क्यों भावे-डॉं. अर्जुन दूबे

हिंदू-सनातन एक दूसरे के पर्याय जाने जाते हैं; सनातन तो शास्वत है जिसे हिंदू धरोहर के…

छत्‍तीसगढ़ी व्यंग्य-‘चलव, हड़ताल करथन’

बिहनिया-बिहनिया गृहलक्ष्मी थैली म धावा बोल दिस। गृहलक्ष्मी तो अइसे होथे कि कपड़ा धोते-धोवत थैली ल…

जनवादी मूल्यों के अंतर्द्वंद में मुक्तिबोध -डॉ.अशोक आकाश

हिन्‍दी साहित्‍य के चर्चित एवं वरिष्‍ठ कवि मुक्तिबोध के जन्‍म दिवस 13 नवम्‍बर के इस अवसर…

रोक दो रक्त तांडव भाग-5

रोक दो रक्‍त ताण्‍डव’ डॉ. अशोक आकाश की एक चम्‍पू काव्‍य है ।चम्‍पू काव्‍य एक प्राचिन…

छत्तीसगढ़ चालीसा-कन्‍हैया साहू ‘अमित’

छत्‍तीसगढ़ चालीसा छत्‍तीसगढ़ राज्‍य के गौरव गाथा आवय जेमा छत्‍तीसगढ़ के प्राकृतिक छटा,रीति-रिवाज, तीज-तिहार, देव-धामी, नहर-नदिय,…

आ लौट चलें-रमेश चौहान

'आ लौट चलें' यह एक अतुकांत नई कविता है । इस कविता में दिखावें की संस्‍कृति…

रोक दो रक्त ताण्डव भाग-4

डॉ; आकाश के इस कृति में प्रदेश, देश और विश्‍व में बढ़ रहे आतंकवादी, हिंसा के…

कवि भरत ‘बुलंदी’ के छत्‍तीसगढ़ी कविता

कवि भरत 'बुलंदी' पारम्‍परिक छत्‍तीसगढ़ी गीत गणेश वंदना गीत गनपति के ले शुरु करत नंदावत हमर…

रोक दो रक्‍त ताण्‍डव-3

डॉ; आकाश के इस कृति में प्रदेश, देश और विश्‍व में बढ़ रहे आतंकवादी, हिंसा के…

आज़ादी के अमृत महोत्सव पर कुछ कविताएं

अमृत काल है आज़ादी का स्थिर चिंतन उसपर मंथन आज़ादी के मूल्यों का हो सार्थक सम्यक…