दुखस्य गजः मम् सीरे आरुढम् कथम् व्यतितम् श्याम निशे । अनिमेशम्-अनिमेशम् गगनम् पश्यामि निद्रा न आगते…
Author: Ramesh kumar Chauhan
रमेश कुमार चौहान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के कवि एवं लेखक हैं । विशेष रूप से आपका परिचय एक छंदकार के रूप में हैं । छत्तीसगढ़ी साहित्य में छंद बद्ध पांच किताबे प्रकाशित हैं वहीं हिन्दी में भी दो पुस्तकें प्रकाशित हैं । आप एक हिन्दी कंटेंट राइटर के रूप में भी सेवा दे रहे हैं ।
सम्राट पृथ्वीराज चौहान गौरव गाथा (आल्हा छंद)
सबले पहिली माथ नवावय, हाथ जोर के तोर गणेश । अपन वंश के गौरव गाथा, फेर…
छत्तीसगढ़ी व्याकरण : लिंग- डाॅ विनोद कुमार वर्मा
'संज्ञा के जेन रूप ले पुरूष या स्त्री जाति के बोध होथे, ओला लिंग कहिथें।'छत्तीसगढ़ी म…
छत्तीसगढ़ के लोक जीवन म कबीर-अजय अमृतांशु
छत्तीसगढ़िया मन के नस नस म कबीर समाय हवय कइहँव त ये बात अतिशंयोक्ति नइ होही।…
पुस्तक समीक्षा: आओ मिलकर गाएँ बालगीत
बाल साहित्य में बिम्ब का निर्माण एक बहुत बड़ा प्रयोजन होता है । बाल मन पर…
आल्हा चालीसा (आल्हा छंद)-कन्हैया साहू “अमित”
आल्हा चालीसा म आल्हा के जीवन चरित्र अउ पराक्रम के वर्णन ओखरे नाम म बने पराक्रम…
बाल कविता संकलन(2022): तितली उड़ती रही -प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह
तितली उड़ती रही देर तक , बैठ गया कीड़ा कुछ क्षण में बोला अच्छा तुम ही…
डॉ अलका सिंह का बाल काव्य संकलन
'डॉ अलका सिंह की 30 कविताएं' डॉ अलका सिंह की बाल कविता संग्रह है, जिसमें 30…
छत्तीसगढ़ी कहानी:शब्दभेदी बाण-चन्द्रहास साहू
छत्तीसगढ़ी कहानी : शब्दभेदेबाण नवा जमाना के पृष्ठभूमि म लिखे कहानी आय । ए कहानी म…