मानव अथवा अन्य जीव क्यों अस्तित्व में आया? आया है तो क्या कर रहा है? मानव…
Author: Ramesh kumar Chauhan
रमेश कुमार चौहान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के कवि एवं लेखक हैं । विशेष रूप से आपका परिचय एक छंदकार के रूप में हैं । छत्तीसगढ़ी साहित्य में छंद बद्ध पांच किताबे प्रकाशित हैं वहीं हिन्दी में भी दो पुस्तकें प्रकाशित हैं । आप एक हिन्दी कंटेंट राइटर के रूप में भी सेवा दे रहे हैं ।
छत्तीसगढ़िया व्यंजन: बोरे-बासी -रमेश चौहान
बासी में है गुण बहुत, मान रहा है शोध । खाता था छत्तीसगढ़, था पहले से…
समसमायिक कुछ लघु व्यंग आलेख-डॉ.अर्जुन दूबे
विडंबना है कि हम अपने वर्तमान को भूत का स्वरूप देना चाहते हैं जबकि हमें भी…
रासपंचाध्यायी रासलीला अध्याय-5. महारास
स्तुति /साेरठा/ व्रज रज चंदन भाल, यमुन कीच उबटन मलूँ । जहॉं यशोदा लाल, महारास जो…
कर्मण्येवाधिकारस्ते भाग 48 एवं 49-बुद्धिसागर सोनी “प्यासा”
वैधव्यता की परछाई मुखमण्डल में तिर आई भीगी भीगी पलकों ने आँखों से बूँदे छलकाई
व्यंग मिश्रित लघु आलेख:कौन है लाल बुझक्कड़?
चुनाव में किस पार्टी की सरकार बनेगी, कौन मुख्यमंत्री बनेगा, थोड़ा और आगे, कौन बनेगा प्रधानमंत्री?…
मेरी कुछ क्षणिकाएं-रमेश चौहान
थूँ है, थूँ है, थूँ तेरे मनुष्य होने पर शिक्षा के नाम पर महंगी शिक्षा लेने…
व्यंग युक्त कुछ लघु आलेख-डॉ. अर्जुन दूबे
मध्यम वर्ग यह यक्ष प्रश्न पूछता रहता है, किंतु किससे?स्वयं से और व्याख्या भी करता है…
बात हे अभिमान के छत्तीसगढ़ी स्वाभिमान के-अजय अमृतांशु
हर बछर 21 फरवरी के दिन ला विश्व महतारी भाखा दिवस के रूप म मनाये जाथे।…
बाल कविता संकलन (2021): सूसा, नीली चिड़िया और गिरगिट भाग-2-प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह
बाल कविता संकलन सूसा,नीली चिड़िया और गिरगिट (2021) को हम धारावाहिक रूप से प्रकाशित कर रहे…