भगवान के चौबीस अवतार (शिव छंद) जेन कुछु सरूप हे । श्रीहरिमय रूप हे रूप घात…
Author: Ramesh kumar Chauhan
रमेश कुमार चौहान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के कवि एवं लेखक हैं । विशेष रूप से आपका परिचय एक छंदकार के रूप में हैं । छत्तीसगढ़ी साहित्य में छंद बद्ध पांच किताबे प्रकाशित हैं वहीं हिन्दी में भी दो पुस्तकें प्रकाशित हैं । आप एक हिन्दी कंटेंट राइटर के रूप में भी सेवा दे रहे हैं ।
शोध आलेख-भरत वेद कृत ‘शिखंडी’ हिन्दी साहित्य का किन्नर केन्द्रित प्रथम नाटक
इसीलिए बीसवीं शताब्दी के आखिरी दशक में किन्नर केन्द्रित ' शिखंडी ' नाटक का भरत वेद…
छत्तीसगढ़ी म भागवत कथा भाग-2 ब्रम्हाजी के उत्पत्ति के कथा
ब्रम्हाजी के उत्पत्ती (अहीर छंद) जड़ चेतन सब रूप । एक श्याम हर भूप सुनय सबो…
रोक दो रक्त ताण्डव भाग-5
रोक दो रक्त ताण्डव’ डॉ. अशोक आकाश की एक चम्पू काव्य है ।चम्पू काव्य एक प्राचिन…
छत्तीसगढ़ी म भागवत कथा भाग-1. मंगलाचरण, कथा आरंभ
'छत्तीसगढ़ी म भागवत कथा' एक महाकाव्य के रूप म लिखे जात हे ऐला धीरे-धीरे कई भाग…
संस्कृत ही रही होगी रामायण काल की प्रचलित संपर्क भाषा -बोली
यह तो सर्वविदित है कि भाषा ही संवाद का एक सशक्त माध्यम है, यह भाषा ही…
बालगीत-स्कूल बलावत हे
बालगीत टन-टन घंटी बाजत हे। चल-चल, स्कूल बलावत हे। पढ़ई-लिखई जिनगी हे। सार बात समझावत हे।
मेरी नई कविताएं-रमेश चौहान
अनसुनी बातें सुनता रहा मैं अनकही बातें कहता रहा मैं अनदेखी दृश्य को देखकर ।