नांगर बइला फांद, अर्र-तता रगियाये जब-जब धनहा मा, किसनहा गाँव के । दुनिया के रचयिता, जग…
Author: Ramesh kumar Chauhan
रमेश कुमार चौहान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के कवि एवं लेखक हैं । विशेष रूप से आपका परिचय एक छंदकार के रूप में हैं । छत्तीसगढ़ी साहित्य में छंद बद्ध पांच किताबे प्रकाशित हैं वहीं हिन्दी में भी दो पुस्तकें प्रकाशित हैं । आप एक हिन्दी कंटेंट राइटर के रूप में भी सेवा दे रहे हैं ।
आलेख महोत्सव: 19. आज़ादी के अमृत महोत्सव में राष्ट्र स्वरुप : चिंतन-मंथन -डॉ अलका सिंह
विजय और विकास पथ पर बढ़ते हुये 15 अगस्त 2022 को हम आज़ादी के अमृत महोत्सव…
छत्तीसगढ़ी हाना छत्तीसगढ़िया लोकजीवन की गाथा-रमेश चौहान
हिन्दी भाषा में जिसे कहावत कहते हैं, उसे ही छत्तीसगढ़ी भाषा में हाना कहा जाता है…
छत्तीसगढ़ी कहानी: सोहाई -चन्द्रहास साहू
"सोहाई बनाथन फुलगजरा ! (सोहाई पशुधन के नरी मा बांधे जाथे जौन हा मोर पांख, परसा…
आलेख महोत्सव: 18. राष्ट्रीय एकता के बाधक तत्व-अनिता चन्द्राकर
कोई भी देश भूमि से नहीं बनता बल्कि किसी निश्चित भू भाग में रहने वाले एक…
रासपंचाध्यायी रासलीला अध्याय-2 -रमेश चौहान
श्याम दृश्य हिन हुये अचानक । व्यथा दशा तब हुई भयानक ज्यों हथनी गजराज विहीना ।…
आलेख महोत्सव: 17. प्रजातंत्र बंदी है-श्रीमती शिरोमणि माथुर
विभिन्न नामों से विभिन्न स्थानों पर कई संगठन या लोग मनमानी कर रहे हैं, जिसने प्रजातंत्र…
यायावर मन अकुलाया-12 (यात्रा संस्मरण)-तुलसी देवी तिवारी
पहाड़ी सर्पिले रास्ते ,एक ओर पहाड़ तो एक ओर गहरी खाई। बस की गति धीमी थी।…
आलेख महोत्सव: 16.राष्ट्र विकास में एक व्यक्ति का योगदान-सीमा यादव
राष्ट्र किसी भी समाज का वह व्यापक कर्णधार होता है. जिनसे समूचे समाज के नागरिकों का…
गुरूनानक जयंती पर गीत-हे गुरूनानक देव के, आज परब परकास
हे गुरूनानक देव के, आज परब परकास । अपन हाथ ला जोर के, करत हवंव अरदास…