छत्तीसगढ़ी बाल कविता: घरघुँदिया भाग-3-कन्‍हैया साहू ‘अमित’

छत्तीसगढ़ी बाल कविता: घरघुँदिया करिया भुरुवा लाली चाँटी। राहय कभू न खाली चाँटी।। जाँगर पेरँय बहुते…

छत्तीसगढ़ी बाल कविता: घरघुँदिया भाग-2-कन्‍हैया साहू ‘अमित’

छत्तीसगढ़ी बाल कविता: घरघुँदिया-कन्‍हैया साहू 'अमित' माटी ले सिरजय घर कुरिया। माई पिल्ला राहँन जुरिया।। भिथिया…

महतारी दिवस के अवसर म विशेष गीत-दाई के अँचरा

महतारी दिवस के अवसर म विशेष गीत-दाई के अँचरा दाई तोर अँचरा मा, जिनगी के सबो…

मातृदिवस पर छत्‍तीसगढ़ी दोहालरी

मातृदिवस पर छत्‍तीसगढ़ी दोहालरी मन मंदिर ममता मया, महतारी मा मान। कहाँ खोजबे देवता, दाई खुद…

छत्तीसगढ़ी बाल कविता: घरघुँदिया-कन्‍हैया साहू ‘अमित’

छत्तीसगढ़ी बाल कविता: घरघुँदिया-कन्‍हैया साहू 'अमित' यह एक छत्‍तीसगढ़ी बाल कविताओं का संग्रह है। ईश प्राथ्रना…

धरती महिमा (चौपाई छन्द) छत्‍तीसगढ़ी

धरती महिमा नँदिया तरिया बावली, जिनगी जग रखवार। माटी फुतका संग मा, धरती हमर अधार। जल…

धर्मेन्द्र निर्मल के देवीगीत

धर्मेन्द्र निर्मल के देवीगीत दाई तोर दरस बर आए हौं लाल टिकुली लाल चुरी लाल चुनरी…

होली गीत : धर्मेन्‍द्र निर्मल के पॉंचठन होली गीत

होलीगीत धर्मेन्‍द्र निर्मल के पॉंचठन होलीगीत फागुन रंग रंगे अमराई, महुआ महक जगाए। लाल गाल के…

छत्‍तीसगढ़ी हास्‍य कवितायें-मनोज श्रीवास्‍तव

मनोज श्रीवास्‍तव की छत्‍तीसगढ़ी हास्‍य कवितायें- सुन अभिलाषा बिन के लासा चल खेलबो तीरी-पास तीरी-पासा तीरी…

रस छंद और अलंकार का उदाहरण छत्‍तीसगढ़ी में

रस छंद और अलंकार का उदाहरण छत्‍तीसगढ़ी में एकेठन छंद सार छंद के एकेठन कविता ये…