आज की कविताएं लगता है कि अब यहां निर्जीव ही बसे हैं और मर चुकी है…
Category: हिन्दी कविता, छंद, ग़ज़ल
किन्नर व्यथा भाग-10 -डॉ. अशोक आकाश
किन्नर व्यथा भाग-10 शिशु पावन श्री भगवान मूरत, किन्नर या नर मादा | हो सबके सम्मान…
सुनिल शर्मा “नील” के 51 मनहरण घनाक्षरी
सुनिल शर्मा "नील"के 51 मनहरण घनाक्षरी अनीति अधर्म अनाचार के संहार हेतु हर युग में हुँकार…
किन्नर व्यथा भाग-9 -डॉ. अशोक आकाश
किन्नर व्यथा भाग-9 पितृ तनय नाता रह वंचित, तनी गुरु बन बेटी | गिरिसम मनतमतल अतल…
मातृ दिवस पर विशेष-मातृ महिमा (दोहा गीतिका)
मातृ दिवस पर विशेष- दोहागीतिका माताश्री ममतामयी, धरती पर भगवान। पूजनीय जननी प्रथम, होती देव समान।।-1…
बलराम ‘बल्लू-बल’ की गीतिकाएँ
बलराम 'बल्लू-बल' की गीतिकाएँ हे प्रभो!अब हाथ दोनों जोड़ कर विनती करूँ, साँस थामे आपके बस…
किन्नर व्यथा भाग-8 -डॉ. अशोक आकाश
किन्नर व्यथा भाग-8 निज अभिमान सुरक्षा करना, जो समाज नहि जाने | उनका गौरव गान मिटेगा,…
सत्यधर बान्धे ईमान की गज़लें
सत्यधर बान्धे ईमान की गज़लें नेकी का फल फला नहीं है आफ़त सर से टला नहीं…
मई दिवस पर दोहे-कन्हैया साहू “अमित”
मई दिवस पर दोहे मिल मंजिल अट्टालिका, पर बेघर मजदूर। सृजनहार खुद ही श्रमिक, फिर भी…