कर्मण्‍येवाधिकारस्‍ते भाग 46 एवं 47-बुद्धिसागर सोनी “प्यासा”

सुनो पार्थ! तुम राघव गाथा जिसके पथ पर बनकर बाधा अपराजिता थी खड़ी हुई नियति बनकर…

समसमायिक विषय पर व्‍यंग रचनाएँ-डॉ. अर्जुन दूबे

क्या पहने, क्या नहीं; कैसे पहने, क्यों पहने! हम लोग स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालय में पढ़े,…

कहानी: देहरी पर दीया-तुलसी देवी तिवारी

दूर तक फैले गेहूँ, चने, सरसों, अलसी, धनिया, मिर्च के खेतों को देखर ही थी अभिरन…

यायावर मन अकुलाया-18 (यात्रा संस्‍मरण)-तुलसी देवी तिवारी

हम उस द्वारिका की हवा में साँस ले रहे थे, जिसने पृथ्वी का भार हरण करने…

एक साहित्यिक चर्चा: अविश्वसनीयता का विसर्जन-डा.अर्जुन दूबे

रंग मंच पर अभिनय के क्षेत्र में, नाटकों में, सिनेमा सदृश अन्य विधाओं में, साहित्य के…

व्‍यंग्‍य: ठेठ बातें-प्रो. अर्जुन दूबे

मानव बनाम स्थान, नाम, रंग, भाषा, धर्म, सर्वशक्तिमान, आवरण और उसके औजार । मानव बनाम कितने?…

व्‍यंग्‍य: किसे मैं याद करूं ? -डॉ. अर्जुन दुबे

आदि कवि वाल्मीकि जी तमसा नदी में स्नान कर रहे थे; क्रौंच युगल नर मादा क्रीड़ा…

व्‍यंग्‍य: परिधान की भाषा-डॉ. अर्जुन दुबे

क्या कहते हो, परिधान की भी भाषा होती है? किसकी भाषा नहीं होती है! भाषा ही‌…

पुस्‍तक समीक्षा: काव्‍य संग्रह ”कुछ समय की कुछ घटनाएं इस समय”

साहित्य सृजन की अभिलाषा उन्हीं व्यक्तियों में होती है, जो व्यक्ति और समाज को उत्कृष्ट देखना…

गीति-नाट्य:ले सुगंध जब पवन बहा-प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह

नट : एक सतरंगी सोच , एक कमनीयता और बहाव लिये आता है बसंत ! शीत…