'प्रतिमान के बहाने यथार्थ का चित्रण' में डॉ. अर्जुन दूबे का तीन लघु व्यंग्य आलेख प्रकाशित…
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व्यंग्य आलेख:आंदोलन एक मिथ अथवा यथार्थ- अर्जुन दूबे
इस व्यंग्य आलेख में अंग्रेज लेखक जार्ज ओरवेल का 'एनिमल फार्म' नाम के उपन्यास के कथानक…
वर्षा ऋतु पर कविता: हे मेघ, घुमड़ जा अलकापुरी को
वर्षा ऋतु पर कविता हिन्दी साहित्य के आदि काल से आज आधुनिक काल तक अनवरत लिखि…
लघु व्यंग्य आलेख: आंखे खोलो -डॉ अर्जुन दूबे
केवल अपनी ही सोचोगे, परिवार की कोई चिंता नहीं? पहले मेरे कार्य तो देखो! केवल परिवार…
लघु व्यंग्य आलेख: चर्चा में-अर्जुन दूबे
समसमायिक विषय पर जो विषय चर्चा में है उस पर डॉ अर्जुन दूबे चुटिले अंदाज लघु…
लघु व्यंग्य : महंगाई पर लोरिक-भोरिक संवाद
देखो हमारे पास गाड़ी नहीं है इसलिए इन्हे भरवाने का सवाल ही नहीं है, कितुं जब…
व्यंग लघु आलेख: तलाश- अर्जुन दूबे
विवाह, विवाह करने और होने के दृष्टिकोण बदलते जा रहे हैं, विशेष रूप से से हिंदू…
मोक्ष को कैसे जानूं? -डॉ. अर्जुन दूबे
मानव अथवा अन्य जीव क्यों अस्तित्व में आया? आया है तो क्या कर रहा है? मानव…
समसमायिक कुछ लघु व्यंग आलेख-डॉ.अर्जुन दूबे
विडंबना है कि हम अपने वर्तमान को भूत का स्वरूप देना चाहते हैं जबकि हमें भी…
व्यंग मिश्रित लघु आलेख:कौन है लाल बुझक्कड़?
चुनाव में किस पार्टी की सरकार बनेगी, कौन मुख्यमंत्री बनेगा, थोड़ा और आगे, कौन बनेगा प्रधानमंत्री?…