छत्‍तीसगढ़ी हाइकु पच्‍चासा-रमेश चौहान

छत्‍तीसगढ़ी हाइकु पच्‍चासा-रमेश चौहान हे गुरतुर बोली भाखा आँखी के का कहँव रे जीव जरय अंतस…