लाकडाउन मा सबे काम आनलाईन होगे रीहिस | घर मा धंधाय बेरा कुबेरा रंग रंगके रंधई…
Author: Ramesh kumar Chauhan
रमेश कुमार चौहान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के कवि एवं लेखक हैं । विशेष रूप से आपका परिचय एक छंदकार के रूप में हैं । छत्तीसगढ़ी साहित्य में छंद बद्ध पांच किताबे प्रकाशित हैं वहीं हिन्दी में भी दो पुस्तकें प्रकाशित हैं । आप एक हिन्दी कंटेंट राइटर के रूप में भी सेवा दे रहे हैं ।
छत्तीसगढ़ के आंचलिक साहित्य परंपरा परिदृश्य अउ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में युवा
हमर छत्तीसगढ़ मा आंचलिक साहित्य के अमरत्वपूर्ण समृद्ध संसार हवे | साहित्य हमर धर्म और आस्था…
कल से लेकर आज तक : “छत्तीसगढ़ी कविताओं में वसंत”-अरुण निगम
इस आलेख में पचास के दशक से लेकर वर्तमान समय के प्रतिनिधि कवियों की कविताओं तथा…
गीति-नाट्य:ले सुगंध जब पवन बहा-प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह
नट : एक सतरंगी सोच , एक कमनीयता और बहाव लिये आता है बसंत ! शीत…
छत्तीसगढ़ी छन्द अउ बसंत-अजय अमृतांशु
बसंत पञ्चमी या श्रीपंचमी के दिन विद्या के आराध्य देवी सरस्वती, विष्णु और कामदेव के पूजा…
छत्तीसगढ़ी कहानी:चिरई चुगनी- चन्द्रहास साहू
"मेहा किरिया खाके कहत हव दाई ! बिहाव करहू ते ओखरेच संग। मेहा जावत हव ओखर…
देश भक्ति गीत-कविता-रमेश चौहान
देश मेरा भक्ति मेरी, भक्ति का मैं धर्म हूँ । राष्ट्र मेरा कर्म मेरा, कर्म का…
भारत माता की आरती- मातरम मातरम मातरम मातरम -रमेश चौहान
स्वर्ग से है बड़ी यह धरा मंगलम मातरम मातरम मातरम मातरम मातरम मातरम मातरम मातरम मातरम…
गणतंत्र दिवस विशेष: छत्तीसगढ़ी छन्द मा “गणतंत्र दिवस’
26 नवम्बर 1949 के संविधान सभा ह प्रस्ताव ल पारित करिस अउ 26 जनवरी 1950 के…
बाल साहित्य ( कविता ) बाल कविता संकलन 2021 भाग-4-प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह
बाल कविता संकलन निल्लू, छोटी मछली और अन्य कवितायेँ(2021) को हम धारावाहिक रूप से प्रकाशित कर…