मुंशी प्रेमचंद का सुप्रसिद्ध कहानी 'पूस की रात' का छत्तीसगढ़ी में अनुवाद 'पूस के रात' कन्हैया…
Author: Ramesh kumar Chauhan
रमेश कुमार चौहान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के कवि एवं लेखक हैं । विशेष रूप से आपका परिचय एक छंदकार के रूप में हैं । छत्तीसगढ़ी साहित्य में छंद बद्ध पांच किताबे प्रकाशित हैं वहीं हिन्दी में भी दो पुस्तकें प्रकाशित हैं । आप एक हिन्दी कंटेंट राइटर के रूप में भी सेवा दे रहे हैं ।
आज़ादी के अमृत काल में शिक्षा संवाद-प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह
यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि हम अपनी स्वतंत्रता के अमृत काल में…
आलेख महोत्सव: 25.अपनी माटी की खुशबू : माटी कला में अवसर की सम्भावनायें
आज़ादी के अमृत महोत्सव के परिप्रेक्ष्य में अपनी मिटटी, लोक, जलवायु, संस्कृति, साहित्य और कलाओं की…
राष्ट्र चेतना के स्वर-प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह
अप्रतिम उज्जवल भाव लिये राष्ट्र चेतना के गुंजित स्वर भारत के उर्जित स्वर हैं , भारत…
आलेख महोत्सव: 24. यथा प्रजा तथा राजा
'यथा राजा तथा प्रजा' यह लोकोक्ति आपने सुनी ही होगी । किन्तु मैं कह रहा हूँ…
आलेख महोत्सव: 23. अक्षुण्ण रहे हमारी स्वतंत्रता
आजादी के अमृत महोत्सव पर समूचा देश गौरव की अनुभूति कर रहा है। देश भक्ति की…
आलेख महोत्सव: 22.स्वतंत्रता का अमृत पान
स्वतंत्रता क्या अमृत है? अमृत एक ऐसा पेय है जिसके पीने मात्र से ही अमरत्व मिल…
राष्ट्र एवं संस्कृति पर बाल कवितायेँ-डॉ अलका सिंह
आजादी के अमृत महोत्सव के इस सुअवसर पर प्रस्तुत है डॉ अलका सिंह विरचित 9 बाल…
आलेख महोत्सव: 21. आजादी के 75 वर्षो के बाद क्या खोया? क्या पाया?
15 अगस्त 1947 जब नियति से भारत साक्षात्कार हुआ जब 200 वर्षो की गुलामी से देश…
आलेख महोत्सव: 20. आज का भारत-कन्हैया लाल बारले
भारत एक सशक्त एवं समृद्ध राष्ट्र है। राष्ट्र एक शाश्वत अवधारणा है। पंडित जवाहर लाल नेहरू…