छत्तीसगढ़ महतारी के वंदना हे दाई छत्तीसगढ़, हाथ जोड़ परनाम। घात मयारू तैं हवस, दया मया…
Category: छत्तीसगढ़ी कविता, छंद, ग़ज़ल
मँहगाई ऊपर छत्तीसगढ़ी कविता-रमेश चौहान
मँहगाई ऊपर छत्तीसगढ़ी कविता कहां कहां जावँव, कइसे लावँव, दीया बाती, तेल भरे । देख मँहगाई,…
बेजाकब्जा के मार (छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह)-रमेश चौहान
बेजाकब्जा के मार (छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह)-रमेश चौहान मनखे होबे कहूं तै ह संगी, हमू ल मनखे…
छत्तीसगढ़ी हाइकु पच्चासा-रमेश चौहान
छत्तीसगढ़ी हाइकु पच्चासा-रमेश चौहान हे गुरतुर बोली भाखा आँखी के का कहँव रे जीव जरय अंतस…
आगे सावन महीना- डॉ.पीसी लाल यादव
आगे सावन महीना- डॉ.पीसी लाल यादव झिमिर- झिमिर पानी गिरे, ओरवाती ले मोती झिरे। आगे सावन…
छत्तीसगढ़ी बाल कविता: चल ना खेले ला जाबो-रमेश चौहान
छत्तीसगढ़ी बाल कविता: चल ना खेले ला जाबो-रमेश चौहान चल ना रे खेले ला जाबो ।…
मोर गॉंव के रंग-धर्मेन्द्र निर्मल
मोर गॉंव के रंग म धर्मेन्द्र निर्मल के 5ठन रंग ला देखाए गे हे । 'मोर…
छत्तीसगढ़ी कविता : देखत रहिबे दिल्ली म-सुशील यादव
छत्तीसगढ़ी कविता : देखत रहिबे दिल्ली म बिलई के भाग म छीका टुटहीदेखत रहिबे दिल्ली मझोला,…
छत्तीसगढ़ी बाल कविता: घरघुँदिया भाग-4-कन्हैया साहू ‘अमित’
छत्तीसगढ़ी बाल कविता: घरघुँदिया भाग-4-कन्हैया साहू 'अमित' जात बेंदरा के होथे जी, अड़बड़ के उतलँगहा। फुलगी-फुलगी…