चना होरा कस, लइकापन लेसागे पेट भीतर लइका के संचरे ओखर बर कोठा खोजत हे, पढ़ई-लिखई…
Category: छत्तीसगढ़ी कविता, छंद, ग़ज़ल
छत्तीसगढ़ी कथा-कविता:किसान के पीरा-रमेश चौहान
ये कविता म एक गाँव के किसान अउ किसानी के समस्या ल एक कहानी के रूप…
किसान अउ किसानी के कविता-रमेश चौहान
नांगर बइला फांद, अर्र-तता रगियाये जब-जब धनहा मा, किसनहा गाँव के । दुनिया के रचयिता, जग…
गुरूनानक जयंती पर गीत-हे गुरूनानक देव के, आज परब परकास
हे गुरूनानक देव के, आज परब परकास । अपन हाथ ला जोर के, करत हवंव अरदास…
देवारी तिहार ऊँपर कविता-रमेश चौहान
देवारी तिहार ऊँपर कविता मजा आगे मजा आगे आसो के देवारी मा देवारी मा जुरे जुन्ना…
छत्तीसगढ़ महतारी के वंदना-रमेश चौहान
छत्तीसगढ़ महतारी के वंदना हे दाई छत्तीसगढ़, हाथ जोड़ परनाम। घात मयारू तैं हवस, दया मया…
मँहगाई ऊपर छत्तीसगढ़ी कविता-रमेश चौहान
मँहगाई ऊपर छत्तीसगढ़ी कविता कहां कहां जावँव, कइसे लावँव, दीया बाती, तेल भरे । देख मँहगाई,…
बेजाकब्जा के मार (छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह)-रमेश चौहान
बेजाकब्जा के मार (छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह)-रमेश चौहान मनखे होबे कहूं तै ह संगी, हमू ल मनखे…
छत्तीसगढ़ी हाइकु पच्चासा-रमेश चौहान
छत्तीसगढ़ी हाइकु पच्चासा-रमेश चौहान हे गुरतुर बोली भाखा आँखी के का कहँव रे जीव जरय अंतस…
आगे सावन महीना- डॉ.पीसी लाल यादव
आगे सावन महीना- डॉ.पीसी लाल यादव झिमिर- झिमिर पानी गिरे, ओरवाती ले मोती झिरे। आगे सावन…