गज़ल एक तुकबंदी कविता न होकर एक पैमाने में लिखी गई कविता होती है जिसे बहर…
Category: छत्तीसगढ़ी कविता, छंद, ग़ज़ल
परिवार पर छत्तीसगढ़ी कविता-धर्मेन्द्र निर्मल
परिवार पर कविता - छत्तीसगढ़ी कविता बाबू धराके अँगरी बचपन ले,रेंगे ल सिखाथे बाबूजी। सुख दुख…
प्रदूषण पर छत्तीसगढ़ी कविता-प्रदूषण-श्लेष चंद्राकर
शंकर छंद में श्लेष चंद्रकार का प्रदूषण पर कविता आज प्रदूषण सेती बदलत, हवय गा जलवायु।…
कोराना ऊँपर छंद कविता-रमेश चौहान
कोराना ऊँपर छंद कविता - ये कोरोना रोग, लॉकडाउन ला लाये । रोजी-रोटी काम, हाथ ले…
पंथीगीत संग्रह:रमेश चौहान के 5 ठन पंथीगीत
छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध संत परम पूज्य घासीदास का यशोगान पंथीगीत कहलाता है । यहां पंथी 5…
छत्तीसगढ़ अउ छत्तीसगढ़ी-मनोज श्रीवास्तव
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के आज के अवसर मा प्रस्तुत हे मनोज श्रीवास्तव के हास्य व्यंग छत्तीसगढ़ी…
गोपाल कृष्ण पटेल के दूठन छत्तीसगढ़ी कविता
दूू लाइन लिख देवव, जमाना के दस्तूर ला। रोटी दू वक्त के, मिल जाये गरीब ला।।…
छत्तीसगढ़ी लोकगीत Chhatisgari Lokgeet
Chhatisgari Lokgeet रमेश चौहान के छत्तीसगढ़ी लोकगीत छत्तीसगढ़ी श्रृंगारिक रचनायें है इन गीतों की दो विशेषताएं…
छत्तीसगढ़ी भजन गीत Chhatisgarhi Bhajan Geet
छत्तीसगढ़ी भजन गीत की इस संग्रह में 8 भजन गीत संग्रहित हैं । इस संग्रह में…
श्रीमती शकुंतला तरार के एक कोरी छत्तीसगढ़ी गीत
एक कोरी छत्तीसगढ़ी गीत-श्रीमती शकुंतला तरार सून्ना परे हे नरवा नदिया सून्ना परे बूढी दाई के…