आज से लगभग सत्तर वर्ष पहले दाऊ रामचन्द्र देशमुख, द्वारा ‘छत्तीसगढ़ कला विकास मंडल’ का गठन…
Category: छत्तीसगढ़ी साहित्य

छत्तीसगढ़ी साहित्य (chatisgarhi-sahitay) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रमुख साहित्य विधायों, लोकविधाओं पर रचनायें प्रकाशित की जा रही है । इस केटेगरी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के कहिनि, आलेख, तुकांत कविता, अतुकांत कविता, नवगीत, छंद, गजल, मुक्तक आदि के साथ ही लोक विधा जसगीत, फाग, ददरिया, करमा आदि के गीत और आलेख प्रकाशित किये जा रहे हैंं।
धर्मेन्द्र निर्मल के छत्तीसगढ़ी व्यंग्य-बाढ़ ले आये बढ़वार
असाड़ बुलक गे सावनों निकलइया हे लपरहा बादर हा घुम घुम के भासन दे दे के…
छत्तीसगढ़ी लोकगीत करमा- श्रीमती तुलसी तिवारी
छत्तीसगढ़ी लोकगीत करमा - मनखे मन जब गोठियाये बोले ला नई सीखे रहिन, तभो अपन मन…
छत्तीसगढ़ी कहानी- अक्कलवाली
छत्तीसगढ़ी कहानी-अक्कलवाली अक्कलवाली छत्तीसगढ़ी कहानी-अक्कलवाली निरभे अउ गायत्री ए उमर म घलो हाड़ के टूटत ले…
छत्तीसगढ़ी बियंग-‘रचना आमंतरित हे’
छत्तीसगढ़ी बियंग-रचना आमंतरित हे-ए खभर ल सुनके कतको अनदेखना इरखाहा मन के छाती फटइया हे। हमन…
डुमन लाल ध्रुव की छत्तीसगढ़ी कहानी- ‘मंझली दाई’
मंझली दाई आ गे...’मंझली दाई आगे... जम्मो गांव म शोर-शराबा होगे अउ रोहो-पोहो लोगन मन सकलागे…
छत्तीसगढ़ी लोक विधा-‘करमा’-सुरेश कुमार रावत
हमर छतीसगढ़ ह कतको गीत नाच अउ साज ले सजे हे इहि परंपरा म करमा नृत्य…
डुमन लाल ध्रुव की छत्तीसगढ़ी कहानी-”अपन डेरवठी”
बड़े काकी हा आजेच भिनसरहा ले बहुते हासत कुलकत रिहिस। ओखर ओगर देहे म समय के…
पुस्तक समीक्षा- कृति-जुड़वाँ बेटी, कृतिकार-चोवाराम बादल, समीक्षक-रमेश चौहान
जुड़वाँ बेटी’, श्री चोवाराम वर्मा ‘बादल’ के एक किताब आय जेमा 12 कहिनी, 2 बियंग अउ…
श्री चोवाराम ‘बादल के छत्तीसगढ़ी कहानी- ‘जुड़वाँ बेटी’
कातिक के महिना अइसे लागत रहिसे जइसे जाड़ मा ठुठरा के मार डरही । रात के…