हमर छतीसगढ़ ह कतको गीत नाच अउ साज ले सजे हे इहि परंपरा म करमा नृत्य…
Category: छत्तीसगढ़ी साहित्य

छत्तीसगढ़ी साहित्य (chatisgarhi-sahitay) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रमुख साहित्य विधायों, लोकविधाओं पर रचनायें प्रकाशित की जा रही है । इस केटेगरी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के कहिनि, आलेख, तुकांत कविता, अतुकांत कविता, नवगीत, छंद, गजल, मुक्तक आदि के साथ ही लोक विधा जसगीत, फाग, ददरिया, करमा आदि के गीत और आलेख प्रकाशित किये जा रहे हैंं।
डुमन लाल ध्रुव की छत्तीसगढ़ी कहानी-”अपन डेरवठी”
बड़े काकी हा आजेच भिनसरहा ले बहुते हासत कुलकत रिहिस। ओखर ओगर देहे म समय के…
पुस्तक समीक्षा- कृति-जुड़वाँ बेटी, कृतिकार-चोवाराम बादल, समीक्षक-रमेश चौहान
जुड़वाँ बेटी’, श्री चोवाराम वर्मा ‘बादल’ के एक किताब आय जेमा 12 कहिनी, 2 बियंग अउ…
श्री चोवाराम ‘बादल के छत्तीसगढ़ी कहानी- ‘जुड़वाँ बेटी’
कातिक के महिना अइसे लागत रहिसे जइसे जाड़ मा ठुठरा के मार डरही । रात के…
गोपाल कृष्ण पटेल के दूठन छत्तीसगढ़ी कविता
दूू लाइन लिख देवव, जमाना के दस्तूर ला। रोटी दू वक्त के, मिल जाये गरीब ला।।…
‘दो बैलों की कथा’ का छत्तीसगढ़ी अनुवाद ‘हीरा अउ मोती’
जानवर मन मा गदहा ला सबले बड़े अक्ल वाले समझे जाथे । जब हम कोनो ला…
छत्तीसगढ़ी बालकहानी-‘मुर्रा के लाडू’
घातेच दिन के बात आवय ओ जमाना म आज काल कस टीवी, सिनेमा के ताम-झाम नई…
सत्यधर बांधे ‘ईमान’ के 5 ठन नान्हे कहिनी (छत्तीसगढ़ी-लघुकथा)
आज सामू के घर के आगू ले जेन भी गुजरय, एक नजर खड़ा होके देखय। सामू…
सुरता-लक्ष्मण मस्तुरिया के मन के पीरा के
लइकापन के सुरता मन के कोनो कोंटा म अइसे माढ़े रहिथे जइसे रात के अंधियारी मा…
छत्तीसगढ़ी लोकगीत Chhatisgari Lokgeet
Chhatisgari Lokgeet रमेश चौहान के छत्तीसगढ़ी लोकगीत छत्तीसगढ़ी श्रृंगारिक रचनायें है इन गीतों की दो विशेषताएं…