नांगर बइला फांद, अर्र-तता रगियाये जब-जब धनहा मा, किसनहा गाँव के । दुनिया के रचयिता, जग…
Category: छत्तीसगढ़ी साहित्य

छत्तीसगढ़ी साहित्य (chatisgarhi-sahitay) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रमुख साहित्य विधायों, लोकविधाओं पर रचनायें प्रकाशित की जा रही है । इस केटेगरी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के कहिनि, आलेख, तुकांत कविता, अतुकांत कविता, नवगीत, छंद, गजल, मुक्तक आदि के साथ ही लोक विधा जसगीत, फाग, ददरिया, करमा आदि के गीत और आलेख प्रकाशित किये जा रहे हैंं।
छत्तीसगढ़ी हाना छत्तीसगढ़िया लोकजीवन की गाथा-रमेश चौहान
हिन्दी भाषा में जिसे कहावत कहते हैं, उसे ही छत्तीसगढ़ी भाषा में हाना कहा जाता है…
छत्तीसगढ़ी कहानी: सोहाई -चन्द्रहास साहू
"सोहाई बनाथन फुलगजरा ! (सोहाई पशुधन के नरी मा बांधे जाथे जौन हा मोर पांख, परसा…
गुरूनानक जयंती पर गीत-हे गुरूनानक देव के, आज परब परकास
हे गुरूनानक देव के, आज परब परकास । अपन हाथ ला जोर के, करत हवंव अरदास…
देवारी तिहार ऊँपर कविता-रमेश चौहान
देवारी तिहार ऊँपर कविता मजा आगे मजा आगे आसो के देवारी मा देवारी मा जुरे जुन्ना…
छत्तीसगढ़ महतारी के वंदना-रमेश चौहान
छत्तीसगढ़ महतारी के वंदना हे दाई छत्तीसगढ़, हाथ जोड़ परनाम। घात मयारू तैं हवस, दया मया…
मँहगाई ऊपर छत्तीसगढ़ी कविता-रमेश चौहान
मँहगाई ऊपर छत्तीसगढ़ी कविता कहां कहां जावँव, कइसे लावँव, दीया बाती, तेल भरे । देख मँहगाई,…
छत्तीसगढ़ी कहानी थपरा-चन्द्रहास साहू
छत्तीसगढ़ी कहानी थपरा "गौटिया भइया अब तोरे आसरा हावय। दू कौरा कमती खा लेबो फेर कोट…
छत्तीसगढ़ी साहित्य के दशा अउ दिशा-कन्हैया लाल बारले
छत्तीसगढ़ी साहित्य के दशा अउ दिशा ल जाने बर सबले पहिली हम ओकर इतिहास जानन। काबर…
बेजाकब्जा के मार (छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह)-रमेश चौहान
बेजाकब्जा के मार (छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह)-रमेश चौहान मनखे होबे कहूं तै ह संगी, हमू ल मनखे…