भाषा ला जिंदा रखे बर बोलने वाला चाही। खाली किताब अउ ग्रंथ मा छपे ले भाषा…
Category: छत्तीसगढ़ी साहित्य

छत्तीसगढ़ी साहित्य (chatisgarhi-sahitay) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रमुख साहित्य विधायों, लोकविधाओं पर रचनायें प्रकाशित की जा रही है । इस केटेगरी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के कहिनि, आलेख, तुकांत कविता, अतुकांत कविता, नवगीत, छंद, गजल, मुक्तक आदि के साथ ही लोक विधा जसगीत, फाग, ददरिया, करमा आदि के गीत और आलेख प्रकाशित किये जा रहे हैंं।
छत्तीसगढ़ी नवगीत: नवा जमाना के नवा समस्या-रमेश चौहान
चना होरा कस, लइकापन लेसागे पेट भीतर लइका के संचरे ओखर बर कोठा खोजत हे, पढ़ई-लिखई…
सुरता: रंधनी खोली के डिवटी म-डॉ अशोक आकाश
लाकडाउन मा सबे काम आनलाईन होगे रीहिस | घर मा धंधाय बेरा कुबेरा रंग रंगके रंधई…
छत्तीसगढ़ के आंचलिक साहित्य परंपरा परिदृश्य अउ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में युवा
हमर छत्तीसगढ़ मा आंचलिक साहित्य के अमरत्वपूर्ण समृद्ध संसार हवे | साहित्य हमर धर्म और आस्था…
कल से लेकर आज तक : “छत्तीसगढ़ी कविताओं में वसंत”-अरुण निगम
इस आलेख में पचास के दशक से लेकर वर्तमान समय के प्रतिनिधि कवियों की कविताओं तथा…
छत्तीसगढ़ी छन्द अउ बसंत-अजय अमृतांशु
बसंत पञ्चमी या श्रीपंचमी के दिन विद्या के आराध्य देवी सरस्वती, विष्णु और कामदेव के पूजा…
छत्तीसगढ़ी कहानी:चिरई चुगनी- चन्द्रहास साहू
"मेहा किरिया खाके कहत हव दाई ! बिहाव करहू ते ओखरेच संग। मेहा जावत हव ओखर…
गणतंत्र दिवस विशेष: छत्तीसगढ़ी छन्द मा “गणतंत्र दिवस’
26 नवम्बर 1949 के संविधान सभा ह प्रस्ताव ल पारित करिस अउ 26 जनवरी 1950 के…
छत्तीसगढ़ी लोककथा: मुसवा-मुसवइन-कन्हैया लाल बारले
रतिहाकुन के बेरा आय। हा हा हा हा ही ही ही ही ही करत खटिया ले…
छत्तीसगढ़ी कहानी पसहर चाउर-चन्द्रहास साहू
"दोना ले लो ओ …!'' "पतरी मुखारी ले ले ओ..!'' "लाई ले ले ओ…. !'' दुनो…