"अंचल के लोकमंचीय कला इतिहास में चंदैनी गोंदा से बड़ी क्रांति न कभी हुई थी न…
Category: छत्तीसगढ़ी साहित्य

छत्तीसगढ़ी साहित्य (chatisgarhi-sahitay) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रमुख साहित्य विधायों, लोकविधाओं पर रचनायें प्रकाशित की जा रही है । इस केटेगरी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के कहिनि, आलेख, तुकांत कविता, अतुकांत कविता, नवगीत, छंद, गजल, मुक्तक आदि के साथ ही लोक विधा जसगीत, फाग, ददरिया, करमा आदि के गीत और आलेख प्रकाशित किये जा रहे हैंं।
पुस्तक समीक्षा-“सुरुज बनके चमकौ जग में”
छत्तीसगढ़ी के वरिष्ठ गीतकार डॉ पी.सी.लाल यादव जी के गीत सँघरा "सुरुज बनके चमकौ जग में"…
पुस्तक समीक्षा: छन्द संदेश
छन्दकार जगदीश "हीरा" साहू के कृति "छन्द संदेश " के आय जेमा उन आज के नपुंसक…
पुस्तक समीक्षा: महापरसाद
मनीराम साहू"मितान" जी के "महापरसाद" पढ़े बर मिलिस। ये कृति भक्तिन दाई "करमा" के जीवन उपर…
छत्तीसगढ़ी कथा-कविता:किसान के पीरा-रमेश चौहान
ये कविता म एक गाँव के किसान अउ किसानी के समस्या ल एक कहानी के रूप…
किसान अउ किसानी के कविता-रमेश चौहान
नांगर बइला फांद, अर्र-तता रगियाये जब-जब धनहा मा, किसनहा गाँव के । दुनिया के रचयिता, जग…
छत्तीसगढ़ी हाना छत्तीसगढ़िया लोकजीवन की गाथा-रमेश चौहान
हिन्दी भाषा में जिसे कहावत कहते हैं, उसे ही छत्तीसगढ़ी भाषा में हाना कहा जाता है…
छत्तीसगढ़ी कहानी: सोहाई -चन्द्रहास साहू
"सोहाई बनाथन फुलगजरा ! (सोहाई पशुधन के नरी मा बांधे जाथे जौन हा मोर पांख, परसा…
गुरूनानक जयंती पर गीत-हे गुरूनानक देव के, आज परब परकास
हे गुरूनानक देव के, आज परब परकास । अपन हाथ ला जोर के, करत हवंव अरदास…
देवारी तिहार ऊँपर कविता-रमेश चौहान
देवारी तिहार ऊँपर कविता मजा आगे मजा आगे आसो के देवारी मा देवारी मा जुरे जुन्ना…