कर्मण्येवाधिकारस्ते बीते कल को देखा तुमने भावी कल को देखा कौन चंद इबारत बन जाता है…
Category: हिन्दी कविता, छंद, ग़ज़ल
हिन्दी में गोपी गीत Gopi-geet-in-Hindi
Gopi-geet-in-hindi (हिन्दी-में-गोपी-गीत) हे ब्रज लला ब्रज धाम को, बैकुण्ठ सम पावन किये । ले जन्म इस…
छायावादी खण्ड़काव्य-‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ भाग-3 karmnyewadhikarste-3
(karmnyewadhikarste) नहीं चूकने वाले बैरी तुम पल भर चूके अगर हे भारत, तुम संग्राम करो थाम…
Ramkumar-singh-chauhan-ke-bhajan ठा. रामकुमार सिंह चौहान के कुछ भजन
ramkumar-singh-chauhan-ke-bhajan यह जग का आर न पार है नहि दिखता भव धार है ।। सब जीव…
दोहा-मुक्तक परिभाषा और उदाहरण
दोहा-मुक्तक परिभाषा और उदाहरण जैसे की नाम से ही स्पष्ट हो रहा यह दोहा शिल्प पर…
karmnewadhikarste-2छायावादी खण्ड़काव्य-‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ भाग-2
नवसृष्टि का सृजन कहे उठ जाग अरे ओ मूढ़मते कुछ काम नया अंजाम नया करता जा…
श्री कृष्णकुमार भट्ट ‘पथिक’ की दो अतुकांत कवितायें
नये वर्ष में फिर आ गया हूॅजिन्दगी की तलहटियों में अयाचित बारिश की फहारों में समस्यायें…
छायावादी खंडकाव्य “कर्मण्येवाधिकारस्ते” भाग -1
रहा अकर्मठ यह काया तो परछाई बोझ बनेगा दहरे का ठहरा हुआ पानी केवल रोग जनेगा…
यशवंत”यश”सूर्यवंशी के दस हाइकु
दरका खेत~ किसान के माथे में चिंता की रेखा। चश्में में दाग~ प्रत्यारोपण नेत्र निहारे बच्चे…
Dr. Archana Dubey ki 5 kavitayen डॉ. अर्चना दुबे की 5 कविताऐं
Dr. Archana Dubey ki 5 kavitayen वंदेमातरम का नारा आज यहां लगायेंगे आया है गणतंत्र दिवस…