लोकप्रचलित मुक्तक का संबंध उर्दू साहित्य से है । गजल के मतला के साथ मतलासानी चिपका…
Category: हिन्दी साहित्यिक आलेख
यायावर मन अकुलाया-15 (यात्रा संस्मरण)-तुलसी देवी तिवारी
आबू से लगभग ग्यारह किलो मीटर दूर स्थित प्राचीन ऐतिहासिक स्थल है अचलगढ है़, जहाँ जैन…
पुस्तक समीक्षा: कुण्डलियाँ किल्लोल
साहित्य साधना मजाक का विषय नहीं है, चिंतनशील व्यक्ति ही साहित्य की साधना कर सकता है…
यायावर मन अकुलाया-14 (यात्रा संस्मरण)-तुलसी देवी तिवारी
दिलवाड़ा जैन मंदिर की ओर आगे बढ़े। मार्ग के वन्य श्री की शोभा का नेत्रों से…
यायावर मन अकुलाया-13 (यात्रा संस्मरण)-तुलसी देवी तिवारी
आगे अब हम आबू की मुख्य देवी अर्बूदा (अधर देवी ) के दर्शन हेतु पहुँचे ।…
यायावर मन अकुलाया-12 (यात्रा संस्मरण)-तुलसी देवी तिवारी
पहाड़ी सर्पिले रास्ते ,एक ओर पहाड़ तो एक ओर गहरी खाई। बस की गति धीमी थी।…
देवार का दर्द (विमुक्त जाति-देवार)
देवार भारत की एक घुमंतु जनजाति है। यह मुख्यतः छत्तीसगढ़ में पायी जाती है। ये प्रायः…
हिन्दी साहित्य में क्षेत्रीय बोली-भाषाओं का योगदान
जब हम हिन्दी साहित्य में क्षेत्रीय बोलियों के योगदान पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो हमें…
यायावर मन अकुलाया-11 (यात्रा संस्मरण)-तुलसी देवी तिवारी
आबूरोड अम्बेजी का दर्शन-मैंने उस दुग्ध धवल संगमरमर के अद्वितीय मंदिर के दर्शन किये जिसे देखने…
चवपैया एवं त्रिभंगी छंद का संपूर्ण परिचय-रमेश चौहान
चपपैया और त्रिभंगी छंद सुनने में एक समान लगता है । ये दोनों ही छंद बहुप्रचलित…