रासपंचाध्यायी रासलीला अध्‍याय-3. गोपिका गीत

कनकमंजरी छंद में रचित इस गोपिकागीत का शिल्‍प की दृष्टि से दो विशेषता है एक प्रत्‍येक…

पुस्‍तक समीक्षा: कुण्डलियाँ किल्लोल

साहित्य साधना मजाक का विषय नहीं है, चिंतनशील व्यक्ति ही साहित्य की साधना कर सकता है…

यायावर मन अकुलाया-14 (यात्रा संस्‍मरण)-तुलसी देवी तिवारी

दिलवाड़ा जैन मंदिर की ओर आगे बढ़े। मार्ग के वन्य श्री की शोभा का नेत्रों से…

यायावर मन अकुलाया-13 (यात्रा संस्‍मरण)-तुलसी देवी तिवारी

आगे अब हम आबू की मुख्य देवी अर्बूदा (अधर देवी ) के दर्शन हेतु पहुँचे ।…

रासपंचाध्यायी रासलीला अध्‍याय-2 -रमेश चौहान

श्‍याम दृश्‍य हिन हुये अचानक । व्‍यथा दशा तब हुई भयानक ज्‍यों हथनी गजराज विहीना ।…

यायावर मन अकुलाया-12 (यात्रा संस्‍मरण)-तुलसी देवी तिवारी

पहाड़ी सर्पिले रास्ते ,एक ओर पहाड़ तो एक ओर गहरी खाई। बस की गति धीमी थी।…

देवार का दर्द (विमुक्त जाति-देवार)

देवार भारत की एक घुमंतु जनजाति है। यह मुख्यतः छत्तीसगढ़ में पायी जाती है। ये प्रायः…

हिन्‍दी साहित्‍य में क्षेत्रीय बोली-भाषाओं का योगदान

जब  हम हिन्दी साहित्य में क्षेत्रीय बोलियों के योगदान पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो हमें…

बाल साहित्य (नाटक): पिंजरा -प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह

लखनऊ की विक्टोरिया स्ट्रीट में नक्खास बाजार । एक अनोखा बाजार है , तरह तरह की…

बाल साहित्य (नाटक): कवि के साथ -प्रो रवीन्द्र प्रताप सिंह

कवि मोखाया का आवास । मोखाया अपने शिष्य चिपीली के साथ धीरे धीरे गुनगुनाते हुये चल…