व्यथा-कथा:'आंदोलन के नाम पर, करो न अत्याचार' सचमुच देश की आमजनता की व्यथा कथा है ।…
Category: विविधा

विविधा (Vividha) के अंतर्गत भारतीय दर्शन, भारतीय चिंतन, भारतीय परम्परा, तीज-त्यौहार के साथ-साथ समसमायिक विषयों पर आलेख प्रकाशित किये जा रहे हैं ।
चिंतन आलेख :बचपन का बीज बुढ़ापे का फल
सांच को आंच क्या ? स्वयं प्रयोग करेके देखें फिर आप भी कहेंगे -'बचपन का बीज…
लघु व्यंग्य आलेख: चर्चा में-अर्जुन दूबे
समसमायिक विषय पर जो विषय चर्चा में है उस पर डॉ अर्जुन दूबे चुटिले अंदाज लघु…
संस्कृत कविता :अहम् केवलं सुता पिते
दुखस्य गजः मम् सीरे आरुढम् कथम् व्यतितम् श्याम निशे । अनिमेशम्-अनिमेशम् गगनम् पश्यामि निद्रा न आगते…
जनजातीय कविता भाषा और संस्कृति-डुमन लाल ध्रुव
किसी भी देश या प्रदेश के जनजातीय कविता को समझने के लिए उस देश की उस…
लघु व्यंग आलेख-डॉ. अर्जुन दूबे
ऋषि वाल्मीकि ने राम चरित के वर्णन द्वारा धर्म के मर्म को बताया है. पहला मर्म…
लघु व्यंग्य : महंगाई पर लोरिक-भोरिक संवाद
देखो हमारे पास गाड़ी नहीं है इसलिए इन्हे भरवाने का सवाल ही नहीं है, कितुं जब…
व्यंग लघु आलेख: तलाश- अर्जुन दूबे
विवाह, विवाह करने और होने के दृष्टिकोण बदलते जा रहे हैं, विशेष रूप से से हिंदू…
मोक्ष को कैसे जानूं? -डॉ. अर्जुन दूबे
मानव अथवा अन्य जीव क्यों अस्तित्व में आया? आया है तो क्या कर रहा है? मानव…
समसमायिक कुछ लघु व्यंग आलेख-डॉ.अर्जुन दूबे
विडंबना है कि हम अपने वर्तमान को भूत का स्वरूप देना चाहते हैं जबकि हमें भी…