छत्‍तीसगढ़ी हाना छत्तीसगढ़िया लोकजीवन की गाथा-रमेश चौहान

हिन्दी भाषा में जिसे कहावत कहते हैं, उसे ही छत्‍तीसगढ़ी भाषा में हाना कहा जाता है…

छत्‍तीसगढ़ी कहानी: सोहाई -चन्‍द्रहास साहू

"सोहाई बनाथन फुलगजरा ! (सोहाई पशुधन के नरी मा बांधे जाथे जौन हा मोर पांख, परसा…

आलेख महोत्‍सव: 18. राष्ट्रीय एकता के बाधक तत्व-अनिता चन्द्राकर

कोई भी देश भूमि से नहीं बनता बल्कि किसी निश्चित भू भाग में रहने वाले एक…

रासपंचाध्यायी रासलीला अध्‍याय-2 -रमेश चौहान

श्‍याम दृश्‍य हिन हुये अचानक । व्‍यथा दशा तब हुई भयानक ज्‍यों हथनी गजराज विहीना ।…

आलेख महोत्‍सव: 17. प्रजातंत्र बंदी है-श्रीमती शिरोमणि माथुर

विभिन्न नामों से विभिन्न स्थानों पर कई संगठन या लोग मनमानी कर रहे हैं, जिसने प्रजातंत्र…

यायावर मन अकुलाया-12 (यात्रा संस्‍मरण)-तुलसी देवी तिवारी

पहाड़ी सर्पिले रास्ते ,एक ओर पहाड़ तो एक ओर गहरी खाई। बस की गति धीमी थी।…

आलेख महोत्‍सव: 16.राष्ट्र विकास में एक व्यक्ति का योगदान-सीमा यादव

राष्ट्र किसी भी समाज का वह व्यापक कर्णधार होता है. जिनसे समूचे समाज के नागरिकों का…

गुरूनानक जयंती पर गीत-हे गुरूनानक देव के, आज परब परकास

हे गुरूनानक देव के, आज परब परकास । अपन हाथ ला जोर के, करत हवंव अरदास…

सामाजिक प्राणी का आधार परिवार-रमेश चौहान

"वह सम्मिलित वासवाले रक्त संबंधियों का समूह, जिसमें विवाह और दत्तक प्रथा स्वीकृत व्यक्ति सम्मिलित होता है परिवार…

देवार का दर्द (विमुक्त जाति-देवार)

देवार भारत की एक घुमंतु जनजाति है। यह मुख्यतः छत्तीसगढ़ में पायी जाती है। ये प्रायः…