Sahitya ki Dharohar
हमर छत्तीसगढ़ ह लोक संस्कृति अउ लोककला के नाँव ले सरी दुनिया म अपन अलग पहिचान…
माटी के चोला हवय, आँच परे पक जाय। गरमी के मौसम रहय, सबके प्यास बुझाय।।