पुस्तक समीक्षा:विचारधरात्मक सचेतता और सोदेश्यता की कहानी-'दोस्त अकेले रह गये'-डुमन लाल ध्रुव साहित्य के क्षेत्र में…
Tag: डुमन लाल ध्रुव
डुमन लाल ध्रुव
श्री डुमन लाल ध्रुव, हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी साहित्य के एक सशक्त हस्ताक्षर है, जो साहित्य के गदृय एवं पदृय दोनों विधा में समान अधिकार रखते हैं । आप छत्तीसगढ़ी संस्कृति और छत्तीसगढ़ के साहित्याकार पर विशेष आलेख लिखते रहते हैं । आप गीतकार, वार्ताकार, आलेखकार एवं कहानीकार के रूप अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सफल हैं । आप मुजगहन, धमतरी छत्तीसगढ़ में रहकर साहित्य सेवा कर रहे हैं ।
त्रिभुवन पाण्ड़े की चार कविताऍं
त्रिभुवन पाण्ड़े की चार कविताऍं एक नदी हूँ मैं जिसकी धारा कभी नथकती एक नदी हूँ…
स्मृतियों में त्रिभुवन पांडेय:’तुम कथ्य लिखो मैं कथा लिखूंगा’-डुमन लाल ध्रुव
स्मृतियों में त्रिभुवन पांडेय सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार त्रिभुवन पांडे जी अब हमारे बीच नहीं रहे उनकी यादें…
छत्तीसगढ़ी कहानी -आँखी के दिया- डुमन लाल ध्रुव
छत्तीसगढ़ी कहानी -आँखी के दिया साइकिल के टिनिन-टिनिन घंटी अउ डाकिया बाबू के गोहार ला सुनके…
लोकप्रिय गीतकार हरि ठाकुर
लोकप्रिय गीतकार हरि ठाकुर - छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ गीतकार, कवि, इतिहासकार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व छत्तीसगढ़…
‘धूप में दिन भर जला’ के गजलकार रंजीत भट्टाचार्य – डुमन लाल ध्रुव
'धूप में दिन भर जला' के गजलकार रंजीत भट्टाचार्य- रंजीत भट्टाचार्य जी हिन्दी, उर्दू दोनों ही…
नारायण लाल परमार: बहुआयामी जीवन संदर्भों के रचनाकार
नारायणलाल परमार :कवि होने का अर्थ: - कवि एक शब्द जरूर है, किन्तु कवि होने का…
’चंदैनी गोंदा’ के अप्रतिम कला साधक: रामचन्द्र देशमुख-डुमन लाल ध्रुव
आज से लगभग सत्तर वर्ष पहले दाऊ रामचन्द्र देशमुख, द्वारा ‘छत्तीसगढ़ कला विकास मंडल’ का गठन…
डुमन लाल ध्रुव की छत्तीसगढ़ी कहानी- ‘मंझली दाई’
मंझली दाई आ गे...’मंझली दाई आगे... जम्मो गांव म शोर-शराबा होगे अउ रोहो-पोहो लोगन मन सकलागे…
डुमन लाल ध्रुव की छत्तीसगढ़ी कहानी-”अपन डेरवठी”
बड़े काकी हा आजेच भिनसरहा ले बहुते हासत कुलकत रिहिस। ओखर ओगर देहे म समय के…