‘‘छत्तीसगढ़ी का सम्पूर्ण व्याकरण’’ 400 पृष्ठीय एक विशाल ग्रंथ है, जो अपने नाम के अनुरूप छत्तीसगढ़ी…
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रमेशकुमार सिंह चौहान

रमेशकुमार सिंह चौहान, जिसे रमेश चौहान के नाम से जाना जाता है । छत्तीसगढ़ के स्थापित साहित्यकार हैं । ऐसे तो आप हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में लिखते हैं किन्तु आप का परिचय एक छत्तीसगढ़ी छंदकार के रूप में होता है । छत्तीसगढ़ी में छंद की पुनर्स्थापना में महती योगदान हैं । आपने फेसबुक पेज ‘छत्तीसगढ़ी साहित्य मंच’ के माध्यम से ‘पागा कलगी’ नाम कविताओं का आयोजन करके नव साहित्यकारों शिल्प विधान में कविता लिखने को प्रेरित किये । जिसको आज सुखद परिणाम देखने को मिल रहा है बहुुतायत लोग छंद, मुक्तक को विधान में लिख रहे हैं । आप इस ‘सुरता’ वेबसाइट के संपादक हैं ।
ईश्वर का अस्तित्व शाश्वत है ?-रमेश चौहान
ईश्वर का अस्तित्व है ? इस प्रश्न का उत्तर इस बात पर निर्भर है कि हम…
दुनिया में अब तक के 10 सबसे खतरनाक वायरस 10 most dangerous virus
10 most dangerous virus दुनिया में करीब 3 लाख 20 हजार तरह के वायरस हैं, जो…
Achieving success is an art (जीवन में सफलता प्राप्त करना एक कला है)
achieving success is an art जीवन में सफलता प्राप्त करना एक कला है .दोस्तों जीवन में…
कोरोना वायरस का साइडइफेक्ट
कोरोना वायरस का साइडइफेक्ट जानने से पहले हम यह जान लेते हैं कि ये कोरोना वायरस…
आहार विज्ञान एवं आरोग्य -रमेश चौहान
आहार विज्ञान एवं आरोग्य आहार विज्ञान, विज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत भोजन मानव स्वास्थय…
कोराना ऊँपर छंद कविता-रमेश चौहान
कोराना ऊँपर छंद कविता - ये कोरोना रोग, लॉकडाउन ला लाये । रोजी-रोटी काम, हाथ ले…
धरती में माता-पिता ईश्वर की जीवंत प्रतिमूर्ति-रमेश चौहान
धरती में माता-पिता को ईश्वर का जीवंत प्रतिमूर्ति माना गया है । यह केवल एक मान्यता…
पारिवारिक सामाजिक प्रगाढ़ता का पर्व भाई-दूज -रमेश चौहान
भाई-दूज का पर्व केवल सहोदर भाई बहनों के मध्य नहीं मनाया जाता अपितु चचेरे, ममेरे, फूफेरों…
छत्तीसगढ़ के देवारी तिहार -रमेश चौहान
छत्तीसगढ़ के देवारी तिहार देश म मनाये जाने वाला दीपावली तिहारे आय फेर पॉंच दिन के…