छत्तीसगढ़ी व्यंग-जोतिस के जानकार मन ल नौ ले उपरहा गिनतीच नइ आवय। तेकर सेती जोतिस म…
Category: छत्तीसगढ़ी साहित्यिक आलेख
’चंदैनी गोंदा’ के अप्रतिम कला साधक: रामचन्द्र देशमुख-डुमन लाल ध्रुव
आज से लगभग सत्तर वर्ष पहले दाऊ रामचन्द्र देशमुख, द्वारा ‘छत्तीसगढ़ कला विकास मंडल’ का गठन…
धर्मेन्द्र निर्मल के छत्तीसगढ़ी व्यंग्य-बाढ़ ले आये बढ़वार
असाड़ बुलक गे सावनों निकलइया हे लपरहा बादर हा घुम घुम के भासन दे दे के…
छत्तीसगढ़ी लोकगीत करमा- श्रीमती तुलसी तिवारी
छत्तीसगढ़ी लोकगीत करमा - मनखे मन जब गोठियाये बोले ला नई सीखे रहिन, तभो अपन मन…
छत्तीसगढ़ी बियंग-‘रचना आमंतरित हे’
छत्तीसगढ़ी बियंग-रचना आमंतरित हे-ए खभर ल सुनके कतको अनदेखना इरखाहा मन के छाती फटइया हे। हमन…
छत्तीसगढ़ी लोक विधा-‘करमा’-सुरेश कुमार रावत
हमर छतीसगढ़ ह कतको गीत नाच अउ साज ले सजे हे इहि परंपरा म करमा नृत्य…
पुस्तक समीक्षा- कृति-जुड़वाँ बेटी, कृतिकार-चोवाराम बादल, समीक्षक-रमेश चौहान
जुड़वाँ बेटी’, श्री चोवाराम वर्मा ‘बादल’ के एक किताब आय जेमा 12 कहिनी, 2 बियंग अउ…
सुरता-लक्ष्मण मस्तुरिया के मन के पीरा के
लइकापन के सुरता मन के कोनो कोंटा म अइसे माढ़े रहिथे जइसे रात के अंधियारी मा…
छत्तीसगढ़ी व्यंग्य-फेसबुक, वाट्सएप, कवि अउ कवितई-धर्मेन्द्र निर्मल facebook-whatsapp-kavi-au-kavitai
आजकल फेसबुक म फुसियाना मन खुसियाना रखे के सबले बड़का अउ सस्ता साधन होगे हे। अपन…
पुस्तक समीक्षा- ”दोहा के रंग” समीक्षक-श्री अजय ‘अमृतांशु’
साहित्य म छंद के अपन अलगे महत्ता हवय । छंद ह साधना के विषय आय, बेरा-बेरा…