‘दो बैलों की कथा’ का छत्‍तीसगढ़ी अनुवाद ‘हीरा अउ मोती’

जानवर मन मा गदहा ला सबले बड़े अक्ल वाले समझे जाथे । जब हम कोनो ला…

छत्‍तीसगढ़ी बालकहानी-‘मुर्रा के लाडू’

घातेच दिन के बात आवय ओ जमाना म आज काल कस टीवी, सिनेमा के ताम-झाम नई…

सत्‍यधर बांधे ‘ईमान’ के 5 ठन नान्‍हे कहिनी (छत्‍तीसगढ़ी-लघुकथा)

आज सामू के घर के आगू ले जेन भी गुजरय, एक नजर खड़ा होके देखय। सामू…

सुरता-लक्ष्मण मस्तुरिया के मन के पीरा के

लइकापन के सुरता मन के कोनो कोंटा म अइसे माढ़े रहिथे जइसे रात के अंधियारी मा…

छत्‍तीसगढ़ी लोकगीत Chhatisgari Lokgeet

Chhatisgari Lokgeet रमेश चौहान के छत्‍तीसगढ़ी लोकगीत छत्‍तीसगढ़ी श्रृंगारिक रचनायें है इन गीतों की दो विशेषताएं…

छत्‍तीसगढ़ी भजन गीत Chhatisgarhi Bhajan Geet

छत्‍तीसगढ़ी भजन गीत की इस संग्रह में 8 भजन गीत संग्रहित हैं । इस संग्रह में…

छत्‍तीसगढ़ी व्‍यंग्‍य-फेसबुक, वाट्सएप, कवि अउ कवितई-धर्मेन्‍द्र निर्मल facebook-whatsapp-kavi-au-kavitai

आजकल फेसबुक म फुसियाना मन खुसियाना रखे के सबले बड़का अउ सस्ता साधन होगे हे। अपन…

पुस्‍तक समीक्षा- ”दोहा के रंग” समीक्षक-श्री अजय ‘अमृतांशु’

साहित्य म छंद के अपन अलगे महत्ता हवय । छंद ह साधना के विषय आय, बेरा-बेरा…

श्रीमती शकुंतला तरार के एक कोरी छत्‍तीसगढ़ी गीत

एक कोरी छत्‍तीसगढ़ी गीत-श्रीमती शकुंतला तरार सून्ना परे हे नरवा नदिया सून्ना परे बूढी दाई के…

कविता ‘छत्तीसगढ़ के जय’-महेतरु मधुकर

ए मया के फुलवारी ल, सुनतां ले सजाबो, के जस जग म बगरय। जय छत्तीसगढ़ के…