शांति नहीं कोलाहल है,घर -घर जन-जन वाणी में त्यागो झूठी परंपरा को, आग लगा दो पानी…
Category: हिन्दी कविता, छंद, ग़ज़ल
कर्मण्येवाधिकारस्ते भाग 10 एवं 11-बुद्धिसागर सोनी
तुम साहस करके देखो तो दरिया भी राह दिखाती है उत्तुंग शिखर झुक जाता है मरू…
भगवान राम पर कविताएं: राममय छंदमाला-रमेश चौहान
राममय छंद माला में भगवान राम की मर्यादा कर्म एवं धर्म की स्थापना की अभिव्यक्ति विभिन्न…
नवरात एवं दशहरा पर्व पर श्लेष चन्द्राकर की कुछ रचनाएं
विजयादशमी पर्व से, मिलता यह संदेश। बनता कारण हार का, अहंकार आवेश।१। जय-जय-जय हे शेरावाली। शान…
श्री कन्हैया साहू ‘अमित’ की पुस्तक ‘कविताई कैसे करू’ का pdf
कविताई कैसे करूं यह श्री कन्हैया साहू अमित की छंदमय काव्य संग्रह हैै । इसमें आप…
श्री राम रक्षा स्त्रोत का भावानुवाद श्री रामरक्षा चालीसा (Shri Ram Raksha Stotra in Hindi)
Shri Ram Raksha Stotra in Hindi श्री राम रक्षा स्त्रोत का हिन्दी में भावानुवादश्री राम रक्षा…
कर्मण्येवाधिकारस्ते भाग 8 एवं 9
गरल जहाँ है वहीं सुधा है तृप्ति जहाँ है वहीं क्षुधा है है शोक जहाँ खुशीयाँ…
सत्यधर बांधे ‘ईमान’ की 5 कवितायें
का भी मिट गया, जग से तो अभिमान। चल नेकी के राह पे, भला बना इंसान।।…
कर्मण्येवाधिकारस्ते भाग-6 एवं 7 Karmanyewadhikarste part 6-7
जीवन क्या है... बुझो तो अबूझ पहेली है मत बूझो संग सहेली है इसकी रौ में…
वीरेन्द्र कुमार पटेल की 3 कवितायें virendra-kumar-patel-ki-3-kavitayen
सदा ही करता रहूं प्राण निछावर, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी, यही दिन रात में यह जपूं…