अडबड सुरता आही मुकुंद कौशल
Tag: अजय अमृतांशु
छत्तीसगढ़ के लोक जीवन म कबीर
छत्तीसगढ़िया मनखे के नस नस म कबीर समाय हवय कइहँव त ये बात अतिशंयोक्ति नइ होही।…
पुस्तक समीक्षा:”साँची सुरभि” एक शसक्त दोहा संग्रह…
इन्द्राणी साहू "साँची" जी का दोहा संग्रह "साँची सुरभि" मुझे पढ़ने को मिली। 214 पेज के…
फ़िल्म समीक्षा: “भूलन द मेज”
सुप्रसिद्ध उपन्यासकार संजीव बख्शी के उपन्यास "भूलन कांदा" आधारित छत्तीसगढ़ी फ़िल्म "भूलन द मेज" के शानदार…
छत्तीसगढ़ के लोक जीवन म कबीर-अजय अमृतांशु
छत्तीसगढ़िया मन के नस नस म कबीर समाय हवय कइहँव त ये बात अतिशंयोक्ति नइ होही।…
दोहा जनउला-अजय “अमृतांशु”
माटी के चोला हवय, आँच परे पक जाय। गरमी के मौसम रहय, सबके प्यास बुझाय।।
जनकवि कोदूराम “दलित” के काव्य मा नारी विमर्श
दलित जी गाँव-गँवई ल जिये रहिन अउ छत्तीसगढ़ ल करीब ले देखे रहिन येकर सेती उन…
बात हे अभिमान के छत्तीसगढ़ी स्वाभिमान के-अजय अमृतांशु
हर बछर 21 फरवरी के दिन ला विश्व महतारी भाखा दिवस के रूप म मनाये जाथे।…
छत्तीसगढ़ी छन्द अउ बसंत-अजय अमृतांशु
बसंत पञ्चमी या श्रीपंचमी के दिन विद्या के आराध्य देवी सरस्वती, विष्णु और कामदेव के पूजा…
गणतंत्र दिवस विशेष: छत्तीसगढ़ी छन्द मा “गणतंत्र दिवस’
26 नवम्बर 1949 के संविधान सभा ह प्रस्ताव ल पारित करिस अउ 26 जनवरी 1950 के…