"कह-मुकरी" एक बहुत ही पुरातन और लुप्तप्राय: काव्य विधा है । इस विधाा के माध्यम से…
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रमेशकुमार सिंह चौहान

रमेशकुमार सिंह चौहान, जिसे रमेश चौहान के नाम से जाना जाता है । छत्तीसगढ़ के स्थापित साहित्यकार हैं । ऐसे तो आप हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में लिखते हैं किन्तु आप का परिचय एक छत्तीसगढ़ी छंदकार के रूप में होता है । छत्तीसगढ़ी में छंद की पुनर्स्थापना में महती योगदान हैं । आपने फेसबुक पेज ‘छत्तीसगढ़ी साहित्य मंच’ के माध्यम से ‘पागा कलगी’ नाम कविताओं का आयोजन करके नव साहित्यकारों शिल्प विधान में कविता लिखने को प्रेरित किये । जिसको आज सुखद परिणाम देखने को मिल रहा है बहुुतायत लोग छंद, मुक्तक को विधान में लिख रहे हैं । आप इस ‘सुरता’ वेबसाइट के संपादक हैं ।
हिन्दी दिवस काव्य संकलन
4 सितम्बर को हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य पर हिन्दी भाषा को समर्पित कुछ कवियों की चुनिंदा…
हिन्दी को अपना अधिकार चाहिए-रमेश चौहान
हिन्दी राजभाषा है इसका अभिप्राय है कि हिन्दी का प्रयोग भारतीय गणराज्य के राजकाज हिन्दी में…
छत्तीसगढ़ के तिज तिहार भाग-5: तीजा-पोरा -रमेश चौहान
तीजा-पोरा छत्तीसगढ़ के पहिचान के तिहार आय । ए तिहार छत्तीसगढ़ के लगभग जम्मो भू-भाग अउ…
छत्तीसगढ़ के तिज तिहार भाग-4: आठे कन्हैया -रमेश चौहान
भगवान कृष्ण के जनमदिन ल कृष्ण जन्माष्टमी के रूप म पूरा भारत देश म मनाए जाथे…
छत्तीसगढ़ के तिज तिहार भाग-3: कमरछठ-रमेश चौहान
छत्तीसगढ़ के तिज तिहार भाग-3: खमरछठ छत्तीसगढ म खमरछठ ल उपास तिहार के रूप मा मनाय…
छत्तीसगढ़ के तिज तिहार भाग-2: भोजली-रमेश चौहान
छत्तीसगढ़ के तिज-तिहार भाग-2: भोजली तिहार भोजली तिहार भादो महिना म राखी के बिहानभाय अंधियारी एकम…
स्वतंत्रता दिवस पर काव्यांजलि -रमेश चौहान
स्वतंत्रता दिवस पर काव्यांजलि स्वतंत्रता दिवस पर कविताएं एक देश में एक रहें हम, एक धर्म…
सरसी छंद विधान और प्रयोग-रमेश चौहान
सरसी छंद विधान और प्रयोग- सरसी छंद एक बहुत ही लोकप्रिय छंद है। जहां भोजपुरी भाषाई…
अनुष्टुप छंद की परिभाषा और नियम उदाहरण सहित
अनुष्टुप छंद की परिभाषा और नियम उदाहरण सहित अनुष्टुप छंद एक वैदिक वार्णिक छंद है ।…