छत्‍तीसगढ़ी व्यंग्य-‘चलव, हड़ताल करथन’

बिहनिया-बिहनिया गृहलक्ष्मी थैली म धावा बोल दिस। गृहलक्ष्मी तो अइसे होथे कि कपड़ा धोते-धोवत थैली ल…

छत्तीसगढ़ चालीसा-कन्‍हैया साहू ‘अमित’

छत्‍तीसगढ़ चालीसा छत्‍तीसगढ़ राज्‍य के गौरव गाथा आवय जेमा छत्‍तीसगढ़ के प्राकृतिक छटा,रीति-रिवाज, तीज-तिहार, देव-धामी, नहर-नदिय,…

कवि भरत ‘बुलंदी’ के छत्‍तीसगढ़ी कविता

कवि भरत 'बुलंदी' पारम्‍परिक छत्‍तीसगढ़ी गीत गणेश वंदना गीत गनपति के ले शुरु करत नंदावत हमर…

छत्‍तीसगढ़ी लोककथा: लीलागर -अंजली शर्मा

"एक झन निःसंतान दंपति रहंय। गाँव के मुखिया रहे, अन्न-धन, जमीन-जायदाद के कछु कमी नइ रहे।…

कहानी ‘पूस के रात’ के छत्‍तीसगढ़ी अनुवाद

मुंशी प्रेमचंद का सुप्रसिद्ध कहानी 'पूस की रात' का छत्‍तीसगढ़ी में अनुवाद 'पूस के रात' कन्‍हैया…

छत्‍तीसगढ़ी देश भक्ति गीत: छत्तीसगढ़िया सभिमानी ला

भारत के आजादी के अमृत महोत्‍सव के बेरा समर्पित हे छत्तीसगढ़िया स्‍वतंत्रता सेनानी ल श्रद्धा सुमन…

मोर चार ठन छत्‍तीसगढ़ी कविता-खिबीराम साहू

सावन के हे ए महीना, उमड़े हे घटा घनघोर । सबके बिगड़े बनइया, बिनती ल सुनले…

नंदागे बरवट संस्कृति-सुधा वर्मा

आज बरवट नंदागे त बहुत अकन संस्कृति नंदागे। हर घर में एक बरवट राहय याने खुल्ला…

छत्तीसगढ़ी कहानी: घरघुंदिया-डां. तेजराम दिल्लीवार

एक दिन, एक झिन सियनहा ह कोन जनी काखर खोज म जंगल डाहर जावत रथे ।…

छत्‍तीसगढ़ी कहानी: धुँधरा- चन्द्रहास साहू

एक लोटा पानी पीयिस गड़गड़-गड़गड़ बिसालिक हा अउ गोसाइन ला तमकत झोला ला माँगिस। आगू ले…