"एक झन निःसंतान दंपति रहंय। गाँव के मुखिया रहे, अन्न-धन, जमीन-जायदाद के कछु कमी नइ रहे।…
Category: छत्तीसगढ़ी साहित्य

छत्तीसगढ़ी साहित्य (chatisgarhi-sahitay) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रमुख साहित्य विधायों, लोकविधाओं पर रचनायें प्रकाशित की जा रही है । इस केटेगरी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी साहित्य के कहिनि, आलेख, तुकांत कविता, अतुकांत कविता, नवगीत, छंद, गजल, मुक्तक आदि के साथ ही लोक विधा जसगीत, फाग, ददरिया, करमा आदि के गीत और आलेख प्रकाशित किये जा रहे हैंं।
कहानी ‘पूस के रात’ के छत्तीसगढ़ी अनुवाद
मुंशी प्रेमचंद का सुप्रसिद्ध कहानी 'पूस की रात' का छत्तीसगढ़ी में अनुवाद 'पूस के रात' कन्हैया…
छत्तीसगढ़ी देश भक्ति गीत: छत्तीसगढ़िया सभिमानी ला
भारत के आजादी के अमृत महोत्सव के बेरा समर्पित हे छत्तीसगढ़िया स्वतंत्रता सेनानी ल श्रद्धा सुमन…
मोर चार ठन छत्तीसगढ़ी कविता-खिबीराम साहू
सावन के हे ए महीना, उमड़े हे घटा घनघोर । सबके बिगड़े बनइया, बिनती ल सुनले…
नंदागे बरवट संस्कृति-सुधा वर्मा
आज बरवट नंदागे त बहुत अकन संस्कृति नंदागे। हर घर में एक बरवट राहय याने खुल्ला…
छत्तीसगढ़ी कहानी: घरघुंदिया-डां. तेजराम दिल्लीवार
एक दिन, एक झिन सियनहा ह कोन जनी काखर खोज म जंगल डाहर जावत रथे ।…
छत्तीसगढ़ी कहानी: धुँधरा- चन्द्रहास साहू
एक लोटा पानी पीयिस गड़गड़-गड़गड़ बिसालिक हा अउ गोसाइन ला तमकत झोला ला माँगिस। आगू ले…
हरेली त्यौहार पर निबंध
छत्तीसगढ़ संस्कृति में त्यौहारों, पर्वो का विशेष महत्व है । इन त्यौहारों के क्रम में पहला…
हरेली:धरती के श्रृंगार का पर्व-डॉ. अशोक आकाश
हरियाली अमावस्या को छत्तीसगढ़ में हरेली के नाम से जाना जाता है । इसे एक पर्व…
फ़िल्म समीक्षा: “भूलन द मेज”
सुप्रसिद्ध उपन्यासकार संजीव बख्शी के उपन्यास "भूलन कांदा" आधारित छत्तीसगढ़ी फ़िल्म "भूलन द मेज" के शानदार…