धर्म एक व्यापक शब्द है जिसके लिये कहा गया है-'धारयति इति धर्म:' अर्थात जिसे धारण किया…
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रमेशकुमार सिंह चौहान

रमेशकुमार सिंह चौहान, जिसे रमेश चौहान के नाम से जाना जाता है । छत्तीसगढ़ के स्थापित साहित्यकार हैं । ऐसे तो आप हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में लिखते हैं किन्तु आप का परिचय एक छत्तीसगढ़ी छंदकार के रूप में होता है । छत्तीसगढ़ी में छंद की पुनर्स्थापना में महती योगदान हैं । आपने फेसबुक पेज ‘छत्तीसगढ़ी साहित्य मंच’ के माध्यम से ‘पागा कलगी’ नाम कविताओं का आयोजन करके नव साहित्यकारों शिल्प विधान में कविता लिखने को प्रेरित किये । जिसको आज सुखद परिणाम देखने को मिल रहा है बहुुतायत लोग छंद, मुक्तक को विधान में लिख रहे हैं । आप इस ‘सुरता’ वेबसाइट के संपादक हैं ।
भगवान राम पर कविताएं: राममय छंदमाला-रमेश चौहान
राममय छंद माला में भगवान राम की मर्यादा कर्म एवं धर्म की स्थापना की अभिव्यक्ति विभिन्न…
तुलसी का धार्मिक, वैज्ञानिक, व्यवहारिक महत्व एवं 20 स्वास्थ्यवर्धक गुण
तुलसी एक उपयोगी वनस्पति है । भारत सहित विश्व के कई देशों में तुलसी को पूजनीय…
श्री राम रक्षा स्त्रोत का भावानुवाद श्री रामरक्षा चालीसा (Shri Ram Raksha Stotra in Hindi)
Shri Ram Raksha Stotra in Hindi श्री राम रक्षा स्त्रोत का हिन्दी में भावानुवादश्री राम रक्षा…
पुस्तक समीक्षा- कृति-जुड़वाँ बेटी, कृतिकार-चोवाराम बादल, समीक्षक-रमेश चौहान
जुड़वाँ बेटी’, श्री चोवाराम वर्मा ‘बादल’ के एक किताब आय जेमा 12 कहिनी, 2 बियंग अउ…
‘दो बैलों की कथा’ का छत्तीसगढ़ी अनुवाद ‘हीरा अउ मोती’
जानवर मन मा गदहा ला सबले बड़े अक्ल वाले समझे जाथे । जब हम कोनो ला…
छत्तीसगढ़ी बालकहानी-‘मुर्रा के लाडू’
घातेच दिन के बात आवय ओ जमाना म आज काल कस टीवी, सिनेमा के ताम-झाम नई…
सुरता-लक्ष्मण मस्तुरिया के मन के पीरा के
लइकापन के सुरता मन के कोनो कोंटा म अइसे माढ़े रहिथे जइसे रात के अंधियारी मा…
कविता का स्वरूप एवं अव्यवी तत्व
कविता का स्वरूप किस प्रकार हो इस पर कविता उत्तपत्ती से चर्चा हो रही है ।…