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वन्दे मातरम्
(उड़िया से हिन्दी अनूदित उपन्यास)
मूल उपन्यासकार – शशिभूषण पाणिग्राही जी
अनुवादक – प्रदीप कुमार दाश “दीपक”
● Vande mataram (वन्दे मातरम्)
Novel translated by Pradeep kumar Dash
● Utkarsh prakashan, New Delhi
● Edition First : 2018
● Price : ₹ 300/—
● ISBN : 9789388155632
Description
vande-mataram वन्दे मातरम् (उड़िया से हिन्दी अनूदित उपन्यास)
vande-mataram वन्दे मातरम्
(उड़िया से हिन्दी अनूदित उपन्यास)
मूल उपन्यासकार – शशिभूषण पाणिग्राही जी
अनुवादक – प्रदीप कुमार दाश “दीपक”
● Vande mataram (वन्दे मातरम्)
Novel translated by Pradeep kumar Dash
● Utkarsh prakashan, New Delhi
● Edition First : 2018
● Price : ₹ 300/—
● ISBN : 9789388155632
vande-mataram (वन्दे मातरम्)(उड़िया से हिन्दी अनूदित उपन्यास)
साहित्य समाज का मार्गदर्शक होता है एवं उपन्यास उसका वरद पुत्र । इसके कंधों पर समाज की सर्वाधिक जिम्मेदारी ठहरती है । उपन्यास ही जनता का महाकाव्य होता है । जिन चरित्रों को महाकाव्यों में जगह नहीं मिल पाती उन्हें उपन्यास बड़े सम्मान के साथ संजो लेता है । इस तरह देखा जाए तो जीवन जगत की वास्तविकता के उद्घाटन के लिए उपन्यास से सशक्त दूसरा कोई माध्यम नहीं होता है ।
उड़िया के प्रख्यात साहित्यकार शशिभूषण पाणिग्राही जी द्वारा विश्व मानववाद के उच्च आदर्श की भूमि पर रचित मूल उड़िया उपन्यास “वंदे मातरम्” का प्रदीप कुमार दाश “दीपक” जी द्वारा हिन्दी अनूदित संस्करण “वंदे मातरम्” प्रस्तुत किया गया है । मानवता के उच्च धरातल पर रचित यह एक आंचलिक उपन्यास है । यह उपन्यास हिंसा के विरुद्ध अहिंसा की मुहिम को छेड़ कर स्वयं को अन्य उपन्यासों की भीड़ से अलग प्रस्तुत करते हुए सामाजिक विमर्श हेतु महत्वपूर्ण उपादेयता को प्रस्तुत करता है । निश्चय ही यह उपन्यास सभी प्रकार के पाठक वर्ग के लिए पठनीय व संग्रहणीय है ।
उपलब्ध पुस्तक संख्या – 50 प्रति




