छत्तीसगढ़िया मन के नस नस म कबीर समाय हवय कइहँव त ये बात अतिशंयोक्ति नइ होही।…
Category: छत्तीसगढ़ी साहित्यिक आलेख
छत्तीसगढ़ी व्याकरण : वचन-डाॅ. विनोद कुमार वर्मा
ए आलेख म हमन देखबो के छत्तीसगढ़ी वचन काला कहिथे , एक वचन शब्द ले बहुवचन…
छत्तीसगढ़ी व्याकरण : काल-डॉ. विनोद कुमार वर्मा
कोनो भी भाषा के व्याकरण म काल के बहुत महत्व होथे काबर कि एकर ले समय…
जनजातीय कविता भाषा और संस्कृति-डुमन लाल ध्रुव
किसी भी देश या प्रदेश के जनजातीय कविता को समझने के लिए उस देश की उस…
जनजातीय कथा की लोक दृष्टि -डुमन लाल ध्रुव
जनजातीय कथा साहित्य की दृष्टि से देखें तो आदिवासियों का व्यावहारिक जीवन सदैव विद्यमान है। यहां…
छत्तीसगढ़ी व्याकरण : वाच्य अउ क्रिया-डॉ. विनोद कुमार वर्मा
क्रिया के रूपान्तरण ला वाच्य कहिथें। एकर ले ये पता चलथे कि वाक्य म काकर प्रधानता…
छत्तीसगढ़ी व्याकरण : विशेषण-विनोद कुमार वर्मा
जेन शब्द ले संज्ञा या सर्वनाम के आकार , अवस्था, रूप, गुण, स्वभाव अउ स्थिति के…
छत्तीसगढ़ी व्याकरण : शब्द साधन- संज्ञा अउ सर्वनाम
शब्द साधन के अन्तर्गत शब्द मन के भेद, ओखर प्रयोग, रूपान्तर अउ व्युत्पत्ति के निरूपण किए…
छत्तीसगढ़ी भाषा अउ देवनागरी लिपि- डाॅ विनोद कुमार वर्मा
''छत्तीसगढ़ी भाषा अउ देवनागरी लिपि विषय लिखे गे ए आलेख एक ठहर छत्तीसगढ़ी भाषा के भविष्य…
जनकवि कोदूराम “दलित” के काव्य मा नारी विमर्श
दलित जी गाँव-गँवई ल जिये रहिन अउ छत्तीसगढ़ ल करीब ले देखे रहिन येकर सेती उन…